केंद्र सरकार के पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद रविवार को तीन राज्य सरकारों ने भी टैक्स में कमी की घोषणा की है। इससे इन राज्यों में पेट्रोल और डीजल के दाम कुछ और कम हो जाएंगे। रविवार को महाराष्ट्र, राजस्थान और ओडिशा ने टैक्स घटाया है, जबकि केरल ने शनिवार को केंद्र सरकार की घोषणा के कुछ देर बाद ही वैट में कमी कर दी थी। भाजपा शासित किसी राज्य सरकार ने अब तक वैट में कटौती की घोषणा नहीं की है।
महाराष्ट्र सहित इन राज्यों में घटे दाम
महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार ने पेट्रोल पर वैट में 2.08 रुपये जबकि डीजल पर 1.44 रुपये प्रति लीटर कमी की घोषणा की है। एक बयान जारी कर सरकार ने कहा है कि इस फैसले से राज्य के राजस्व में सालाना 2500 करोड़ रुपये की कमी आएगी। वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार पेट्रोल पर वैट में 2.48 रुपये जबकि डीजल पर 1.16 रुपये प्रति लीटर कटौती करेगी। इससे राज्य में पेट्रोल में 10.48 रुपये जबकि डीजल के दाम में 7.16 रुपये प्रति लीटर की कमी आएगी।
ओडिशा में केंद्र सरकार के उत्पाद शुल्क से अलग पेट्रोल पर 2.23 रुपये जबकि डीजल पर 1.36 रुपये प्रति लीटर की कमी हुई है। इससे राज्य में पेट्रोल पर 10.23 रुपये जबकि डीजल पर 7.36 रुपये प्रति लीटर की प्रभावी कमी आएगी। हालांकि ये कमी अन्य करों की वजह से है। सरकार ने वैट में कमी की घोषणा नहीं की है। इससे पहले केरल ने शनिवार को पेट्रोल पर 2.41 रुपये और डीजल पर 1.36 रुपये प्रति लीटर टैक्स कटौती की घोषणा की थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को उन राज्यों से पेट्रोल-डीजल पर वैट में कमी करने का आग्रह किया था जिन्होंने पिछले नवंबर में उत्पाद शुल्क में कमी के बाद वैट में कटौती नहीं की थी। नवंबर में 25 राज्यों ने वैट घटाया था जिनमें अधिकांश में भाजपा और सहयोगी दलों की सरकारें थीं।
राज्यों के सामने आगे कुआं, पीछे खाई : चिदंबरम
पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने रविवार को सवाल उठाया कि क्या राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाकर अपना राजस्व गंवाने की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र सरकार राज्यों को ज्यादा फंड या अनुदान उपलब्ध नहीं कराती, राज्यों की स्थिति आगे कुआं, पीछे खाई वाली बनी रहेगी।
राज्यों से वैट घटाने की उम्मीद करना सही नहीं : तमिलनाडु
ईंधन की कीमतों में कमी का वादा कर सत्ता में आई तमिलनाडु की डीएमके सरकार ने वैट घटाने से इनकार कर दिया है। राज्य के वित्तमंत्री पलनीवेल त्यागराजन ने कहा कि केंद्र सरकार ने टैक्स बढ़ाने से पहले कभी राज्यों के साथ विचार नहीं किया। केंद्र सरकार के नवंबर में किए गए उत्पाद शुल्क कटौती के कारण तमिलनाडु को पहले ही 1000 करोड़ रुपये सालाना का नुकसान हो रहा है। ऐसे में राज्यों से वैट कटौती की उम्मीद करना सही नहीं है।
कर्नाटक ने और कटौती का संकेत दिया
भाजपा शासित कर्नाटक के मुख्यमंत्री बावसराज बोम्मई ने कहा है कि उनकी सरकार ईंधन पर और टैक्स कटौती पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार का फैसला शनिवार की रात आया है। हम इस पर विचार कर रहे हैं। हालांकि बोम्मई ने पिछले महीने ही कहा था राज्य की आर्थिक हालत को देखते हुए टैक्स में कटौती मुश्किल है। कर्नाटक में अगले साल मई में चुनाव होने वाले हैं।