महाराष्ट्र के तटीय रायगढ़ जिले में पानी का संकट गहरा गया है। हालात ये हैं कि स्थानीय प्रशासन को राहत के तहत पानी के टैंकर रायगढ़ भेजने पड़ रहे हैं। मौजूदा वक्त में रायगढ़ के विभिन्न बांधों में सिर्फ 35 प्रतिशत पानी ही बचा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि कुल 35 गांवों और 113 बाड़ियों में जल संकट ज्यादा है और आने वाले दिनों में यह आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है।
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रायगढ़ में पुराना है जल संकट
अधिकारियों का कहना है कि इस साल राहत कामों में सात करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम खर्च हो सकती है। खासकर करजत, खालापुर, पेन, महाड, पोलादपुर और सुधागढ़ तहसील के गांवों में हालात काफी खराब हैं। बता दें कि इस इलाके में पानी की कमी एक बड़ी समस्या है। साल 2012-13 में यहां पानी से राहत कार्यों में 66 लाख से ज्यादा रुपए खर्च हुए थे, जो 2021-22 में बढ़कर करीब 10 करोड़ रुपए हो गए। रायगढ़ के जितने भी बांध हैं, उनमें से सात में 40 फीसदी से कम पानी बचा है। वहीं अन्य आठ में 40 फीसदी से ज्यादा पानी है।