महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक आदिवासी गर्भवती महिला को कुछ लोग अस्थायी स्ट्रेचर के जरिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। इस दौरान लोगों को भारी जलभराव का सामना भी करना पड़ा। गांव तक सड़क नहीं होने की वजह से लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद महिला को चिकित्सीय सुविधा केंद्र तक पहुंचाया। इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
गर्दन तक पानी के बीच से निकले
वीडियो में देखा जा सकता है कि लोगों ने महिला को एक झोली या अस्थायी स्ट्रेचर पर उठा रखा था। उन्हें गर्दन तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। दरअसल, बीच में एक नदी पड़ती है। ऐसे में इन लोगों को कुर्लोद गांव में शेंदे पाड़ा इलाके से पांच किलोमीटर दूर नंदगांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तक पहुंचने से पहले एक नदी को पैदल ही पार करना पड़ा। महिला की पहचान सुरेखा लाहू भागड़े के रूप में हुई है।
महिला की हालत स्थिर
मामले में तालुका स्वास्थ्य अधिकारी भाऊसाहेब चत्तर ने दोपहर को पीएचसी का दौरा किया। उन्होंने कहा कि सात माह की गर्भवती भागड़े का इलाज चल रहा है। उसकी हालत स्थिर है। कुर्लोद के उप सरपंच मोहन मोदक ने बताया कि महिला को मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। गांव तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकती थी, तो उसके परिवार के सदस्यों तथा स्थानीय लोगों ने एक कंबल और बांस के डंडों से एक अस्थायी ‘स्ट्रेचर’ बनाया और पैदल ही उसे पीएचसी लेकर आए।