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यूपी में चाचा-भतीजे की तर्ज पर महाराष्ट्र में भाई-बहन के बीच वर्चस्व की जंग!

Sat, 08 Oct 2016 07:36 AM IST
सुरेंद्र मिश्र/अमर उजाला, मुंबई
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अजीत पवार और सुप्रिया सुले - फोटो : Kemmannu.com
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उत्तर प्रदेश में चाचा-भतीजे के बीच वर्चस्व की लड़ाई सुर्खियों में है। कुछ इसी तर्ज पर महाराष्ट्र के मराठा क्षत्रप एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के परिवार में भाई-बहन के बीच नंबर दो की लड़ाई छिड़ गई है। एनसीपी सूत्रों की मानें तो शरद पवार के बाद उनकी बेटी सुप्रिया सुले उत्तराधिकार की जंग में कूद चुकी हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से वह ज्यादा ही सक्रिय हो गई हैं और उनकी इस सक्रियता को पार्टी में वर्चस्व की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। 
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सांसद सुप्रिया सुले के अचानक सक्रिय होने से कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें शरद पवार के बाद नंबर दो की कुर्सी पर बैठाया जा सकता है। हालांकि इससे एनसीपी के वरिष्ठ नेता और शरद पवार के भतीजे पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को गहरा धक्का लग सकता है। लेकिन, सिंचाई घोटाले में घिरे होने के कारण वह पंगा लेने की स्थिति में नहीं है। सूत्र बताते हैं कि एनसीपी में पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन और अजीत  पवार सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के घोटाले में घिरने के बाद पार्टी की कमान सुप्रिया सुले को सौंपने के बारे में मंथन जारी है। 

हालांकि सुप्रिया सुले पहले प्रदेश की राजनीति में ध्यान नहीं देती थी। वह अपने संसदीय क्षेत्र बारामती में ही सक्रिय रहती थी। लेकिन, हाल के दिनों में उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर व्यक्तिगत हमला कर सुर्खियों में आ गई हैं। सुप्रिया का कहना है कि फडणवीस नल पर पानी भरने वाली महिलाओं की तरह झगड़ालू हैं। वह काम नहीं बल्कि बदले की राजनीति करते हैं। सुप्रिया के इस हमले के बाद भाजपा के नेता कहने लगे है कि उनकी सक्रियता एनसीपी में वर्चस्व की लड़ाई है। 
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एनसीपी में शरद पवार का राजनीतिक उत्तराधिकारी कौन होगा?

शरद पवार - फोटो : getty
महाराष्ट्र भाजपा प्रवक्ता माधव भंडारी ने शुक्रवार को कहा कि सांसद सुप्रिया सुले कई दिनों से मुख्यमंत्री फडणवीस पर व्यक्तिगत हमला कर रही हैं। कभी राज्य की राजनीति में ज्यादा रुचि नहीं रखने वाली सुप्रिया को अचानक राजनीति में मजा आने लगा है। भंडारी ने सुप्रिया की सक्रियता का रहस्य उजागर करते हुए कहा कि इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणी करने से वह राज्य की राजनीति में कभी सफल नहीं हो पाएंगी। 

अलबत्ता उन्हें अपने टारगेट पर सीधा हमला करना चाहिए। गौरतलब है कि सुप्रिया सुले लंबे समय तक राजनीति से दूर रहने के बाद बारामती लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया था। तभी से यह सवाल उठने लगा था कि एनसीपी में शरद पवार का राजनीतिक उत्तराधिकारी कौन होगा? अजीत पवार या सुप्रिया सुले? हालांकि उस वक्त सुप्रिया ने कहा था कि अजीत पवार उनके बड़े भाई हैं, और वे हमारे नेता है। मेरा कार्य क्षेत्र दिल्ली तक सीमित होगा, उस वक्त इन चर्चाओं पर विराम लग गया था।
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