उन्होंने कहा कि पवार साहब पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। मीडिया परिवार के सदस्यों के बीच हुई बैठक को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहा है। इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के साथ हाल ही में हुई मुलाकात को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मंगलवार को कहा कि पिछले हफ्ते पुणे में राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार के साथ उनकी मुलाकात के दौरान कुछ खास नहीं हुआ। ऐसे में बैठक के बारे में ज्यादा कयास लगाने की जरूरत नहीं है।
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उन्होंने कहा कि पवार साहब पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। मीडिया परिवार के सदस्यों के बीच हुई बैठक को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहा है। इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। यह सोचने का कोई कारण नहीं है कि बैठक में कुछ भी असामान्य हुआ। इससे पहले शनिवार को पुणे में एक बिजनेसमैन के आवास पर शरद पवार और अजित पवार के बीच हुई गोपनीय बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई थी। बैठक में वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल भी मौजूद थे।
जब उनसे पूछा गया कि आप कार में छिपकर परिसर से बाहर क्यों निकले? तो अजित ने कहा कि वह कार में नहीं थे। मैं चोरी-छिपे नहीं गया था। मैं ऐसा व्यक्ति हूं, जो खुलेआम घूमता है। मेरे छिपने का कोई कारण नहीं था। कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि शरद पवार 12 अगस्त को दोपहर एक बजे के आसपास कोरेगांव पार्क क्षेत्र में व्यवसायी अतुल चोरडिया के आवास पर पहुंचे थे। वे शाम पांच बजे के आसपास वहां से निकले थे। उपमुख्यमंत्री अजित पवार को कथित तौर पर शाम 6:45 बजे एक कार में परिसर से बाहर निकलते देखा गया था।
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इससे पहले इस साल जुलाई में राकांपा का एक गुट राज्य में शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल हो गया था। इसका नेतृत्व अजित पवार ने ही किया था और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ आठ अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी।
एमवीए में कोई भ्रम की स्थिति नहीं: दानवे
शिवसेना (यूबीटी) के नेता अंबादास दानवे ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शरद पवार की उनके भतीजे के साथ हाल में हुई मुलाकात को लेकर महा विकास आघाड़ी (एमवीए) में कोई भ्रम नहीं है। पार्टी के कार्यकर्ता सब जानते हैं। राज्य विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष दानवे दो दिवसीय औरंगाबाद दौरे पर आए शरद पवार से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे।