एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने शुक्रवार को कहा, याचिकाओं पर निर्णय लेने में विधानसभा अध्यक्ष की ओर से देरी की गई जिसकी वजह से हमें सुप्रीम कोर्ट का रुख का रुख करना पड़ा। उन्होंने कहा, अपात्र विधायकों पर एक तय समय सीमा में निर्णय लिया जाए।
महाराष्ट्र के विपक्षी दलों एनसीपी, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर निशाना साधा। विपक्षी नेताओं ने शिवसेना एवं एनसीपी के बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिकाओं पर निर्णय में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें इस मामले पर एक समय-सीमा के भीतर फैसला करना चाहिए।
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एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने शुक्रवार को कहा, याचिकाओं पर निर्णय लेने में विधानसभा अध्यक्ष की ओर से देरी की गई जिसकी वजह से हमें सुप्रीम कोर्ट का रुख का रुख करना पड़ा। उन्होंने कहा, अपात्र विधायकों पर एक तय समय सीमा में निर्णय लिया जाए।
शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा, विधानसभा अध्यक्ष से उम्मीद की जाती है कि वे स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करेंगे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि शीर्ष अदालत ने अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के खिलाफ एक और सख्त आदेश दिया है जिससे साफ संकेत मिलता है कि वे जानबूझकर डेढ़ साल पहले हुए शिवसेना में विभाजन पर फैसले में देरी कर रहे हैं। ब्यूरो
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हमारा सांविधानिक व नैतिक पक्ष मजबूत : शिंदे गुट
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट ने भी विधानसभा अध्यक्ष से जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया। शिंदे गुट ने कहा, हमारा सांविधानिक और नैतिक पक्ष मजबूत है। लिहाजा, मामले की जल्द सुनवाई हो। शिंदे गुट ने कहा किह में सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है। शीर्ष अदालत से हमें अतीत में भी राहत और न्याय मिला है।