वहीं इस घटना पर बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब भीमा कोरेगांव में दलित जा रहे थे। उन्होंने कहा कि यह वर्षों से चली आ रही परंपरा है। यहां पर भीम राव अंबेडकर और कांशीराम भी जाते थे। लेकिन इस बार बीजेपी, आरएसएस और जातिवादी संगठनों के लोगों ने दलितों पर हमला किया।
उन्होंने कहा कि यह घटना रोकी जा सकती थी क्योंकि यह पहली बार नहीं है कि जब दलित लोग वहां जा रहे थे इसके लिए महाराष्ट्र सरकार जिम्मेदार है। जब सरकार को पहले से पता था तो उन्होंने व्यवस्था के उचित प्रबंध क्यों नहीं किए।
वहीं दूसरी ओर इस मामले में दलित नेता जग्नेश मेवाणी और उमर खालिद के खिलाफ पुणे के एक थाने में शिकायत दर्ज की गई है। उनके खिलाफ शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने इस मामले में जो बयानबाजी की है उससे दो समुदायों को भड़काने का काम किया है।