नागपुर में एक एनजीओ के डायरेक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चार महिला कर्मचारियों ने उन पर छेड़छाड़ और जबरन धार्मिक बातें थोपने का आरोप लगाया है। आरोपी ने लड़कियों के चरित्र पर भी गलत टिप्पणी की थी। फिलहाल अदालत ने आरोपी 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
महाराष्ट्र के नागपुर से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। उस पर महिला कर्मचारियों के साथ छेड़छाड़ करने और उन पर जबरन धार्मिक बातें थोपने का आरोप लगा है।
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मानकापुर थाने के पुलिस इंस्पेक्टर हरेश कलसेकर ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शनिवार को चार लड़कियां शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंची थीं। ये सभी लड़कियां 'यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी' नाम के एनजीओ में काम करती हैं। इस एनजीओ के डायरेक्टर का नाम रियाज फाजिल काजी है। लड़कियों की शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी को पकड़ लिया।
शिकायत करने वाली एक लड़की ने बताया कि दो-तीन साल पहले उसके जन्मदिन पर डायरेक्टर ने उसे परेशान किया था। वहीं अन्य लड़कियों का कहना है कि रियाज उन पर जबरदस्ती मुस्लिम रीति-रिवाजों और परंपराओं की जानकारी थोपता था। लड़कियां ये बातें नहीं सुनना चाहती थीं, फिर भी उन्हें यह सब सुनने के लिए मजबूर किया जाता था।
यह मामला तब और बढ़ गया जब डायरेक्टर ने एक पूर्व कर्मचारी की मां को फोन किया। उस लड़की ने आठ दिन पहले ही नौकरी छोड़ी थी। डायरेक्टर ने उसकी मां से बात करते हुए वहां काम करने वाली दूसरी लड़कियों के चरित्र के बारे में बेहद आपत्तिजनक बातें कहीं। जब बाकी लड़कियों को इस बात का पता चला, तो वे सब एकजुट हो गईं और पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और उसी दिन आरोपी रियाज फाजिल काजी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की धाराएं लगाई हैं।
यह एनजीओ मुख्य रूप से मजदूर परिवारों के गरीब बच्चों को शिक्षा देने का काम करता है। पुलिस का कहना है कि अभी चार पीड़ित लड़कियां सामने आई हैं। पुलिस को अंदेशा है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी लड़कियां शिकायत लेकर सामने आ सकती हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।