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नौकरी के नाम पर ठगी: शिंदे सरकार ने दिए जांच के आदेश, आरोपियों में आदित्य ठाकरे का चचेरा भाई भी शामिल

Fri, 30 Dec 2022 05:28 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

वरुण सरदेसाई, उद्धव गुट की शिवसेना की युवा शाखा 'युवा सेना' के नेता हैं और वह आदित्य ठाकरे के चचेरे भाई भी हैं। भाजपा विधायक योगेश सागर ने सदन में नौकरी में धोखाधड़ी का मुद्दा उठाया।
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वरुण सरदेसाई - फोटो : फेसबुक/वरुण सरदेसाई
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विस्तार
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महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को उस मामले में जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें नौकरी का झांसा देकर युवाओं से ठगी की गई। मामले में कथित रूप से पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे के चचेरे भाई और युवा सेना के नेता वरुण सरदेसाई का नाम भी शामिल है। 

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राज्य सरकार ने हाल ही में दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व प्रबंधक दिशा सालियान की मौत की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) बाने की घोषणा की है। उसके कुछ दिनों बाद अब नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में यह जांच का आदेश दिया गया है। 

भाजपा विधायक योगेश सागर ने सरदेसाई का जिक्र करते हुए कहा, एक राजनीतिक दल के उभरते नेता और पार्टी नेतृत्व के किसी के करीबी पर आरोप लगा है, इसलिए यह राज्य के लिए एक गंभीर मुद्दा है। राज्य के उप मुख्यमंत्री व  गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, मामला गंभीर है और सरकार इसकी जांच करेगी। 
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एक सप्ताह पहले फडणवीस ने ही सालियान की मौत की जांच के लिए एसआईटी के गठन की घोषणा की थी। सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों ने पिछले सप्ताह एसआईटी के गठन की मांग की थी। वे साफतौर पर उद्धव गुट की शिवसेना के विधायक और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे को निशाना बना रहे थे। 

वरुण सरदेसाई, उद्धव गुट की शिवसेना की युवा शाखा 'युवा सेना' के नेता हैं और वह आदित्य ठाकरे के चचेरे भाई भी हैं। भाजपा विधायक योगेश सागर ने सदन में नौकरी में धोखाधड़ी का मुद्दा उठाते हुए कहा, सरदेसाई हिंदुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स के प्रमुख थे, जबकि रूपेश कदम और पंकज चौरागड़े क्रमश: इसके सचिव और कोषाध्यक्ष थे। 

भाजपा विधायक ने आरोप लगाया, युवाओं से कम से कम दस लाख रुपये लिए गए और उन्हें गोंदिया में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। वहां एक स्कूल बनाया गया था और उन्हें वहां प्रशिक्षित किया गया था। प्रशिक्षण के बाद उन्हें यह कहते हुए नियुक्ति पत्र दिया गया ता कि उन्हें स्कूल प्रशिक्षक द्वारा नियुक्त किया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि गरीब किसानों के बच्चों से कम से कम आठ से दस लाख रुपये लिए गए। उन्होंने जमीन बेचकर ये पैसे जुटाए थे। उन्होंने कहा, जब ये युवा अपने नियुक्ति पत्र के साथ बाद में स्कूल गए तो उन्हें यह कहते हुए दूर भगा दिया गया कि प्रतिष्ठान हिंदुस्तान स्काउट्स और गाइड्स से जुड़ा हुआ नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, चौरागड़े से संपर्क करने पर पीड़ित युवकों को सूचित किया गया कि उनका पैसा सरदेसाई को दे दिया गया है और पैसा वापस मिलने पर उन्हें वापस कर दिया जाएगा।    

भाजपा विधायक ने कहा, अगर अकेले गढ़चिरौली और चंद्रपुर जिले में युवाओं से आठ से दस लाख रुपये की ठगी की गई है, तो यह जांचना जरूरी है कि कंपनी ने महाराष्ट्र में और कितने लोग ठगे हैं। 

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