ठाणे के वागले एस्टेट इलाके में एक रिहायशी सोसायटी की सुरक्षा दीवार सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों पर गिर गई। शुक्रवार रात हुई इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। आपदा प्रबंधन सेल के यासीन तडवी ने बताया, "हमें रात 10:41 बजे शिवाजी नगर, किसान नगर नंबर 1 में हीरामती नगर सोसायटी में एक सुरक्षा दीवार गिरने की सूचना मिली। लगभग 40 फीट लंबी और आठ फीट ऊंची दीवार सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों पर गिर गई।"
उन्होंने बताया कि दीवार का बचा हुआ हिस्सा बहुत खतरनाक हालत में था। तडवी ने कहा, "मौके पर पहुंचने के बाद पता चला कि गिरी हुई दीवार से कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जबकि बची हुई संरचना से सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा था।" तडवी ने बताया कि मलबा तुरंत हटा दिया गया और सभी प्रभावित गाड़ियों को हटा दिया गया। इसके बाद जेसीबी का इस्तेमाल करके दीवार के खतरनाक रूप से अस्थिर हिस्से को गिरा दिया गया। क्षतिग्रस्त गाड़ियों में एक कार, दो ऑटो-रिक्शा, दो छोटे टेम्पो और दो दोपहिया वाहन शामिल हैं।
महाराष्ट्र के मीरा रोड के काशीगांव इलाके में सड़क पर पेशाब करना दो लोगों को महंगा पड़ गया। सोशल मीडिया पर इनका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि यह घटना सात जनवरी को एक स्कूल के पास हुई थी। सीनियर इंस्पेक्टर राहुल पाटिल ने इंस्टाग्राम पर यह वीडियो देखा था। इसके बाद उन्होंने सब-इंस्पेक्टर अभिजीत लांडे की टीम को जांच का जिम्मा सौंपा। पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों का पता लगा लिया।
आरोपियों को खिलाफ दर्ज हुआ केस
आरोपियों की पहचान 36 साल के वसीम शकील शेख और 44 साल के दिलीप राजेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वसीम पेशे से ड्राइवर है, जबकि दिलीप एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। पुलिस ने दोनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सार्वजनिक जगह पर अश्लीलता फैलाने और बीमारी का खतरा पैदा करने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है।
मुंबई की एक अदालत ने कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ और एनसीपी नेता जीशान सिद्दीकी को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उन्हें 2023 के एक मामले में बरी कर दिया है। उन पर गैरकानूनी तरीके से भीड़ जमा करने का आरोप था। यह मामला गांधी जयंती पर निकली एक रैली से जुड़ा था। मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट एसआर निमसे ने अपना फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि यह रैली शांतिपूर्ण थी। ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे इसे गैरकानूनी माना जाए।
अदालत ने पुलिस की गवाही पर उठाए सवाल
अदालत ने पुलिस की गवाही पर भी सवाल उठाए। सुनवाई के दौरान एक गवाह ने अदालत में गलत व्यक्ति की पहचान की और उसे आरोपी के रूप में बताया। पुलिस का कहना था कि रैली कोलाबा से मंत्रालय जा रही थी। आरोप था कि रैली ने अपना रास्ता बदल लिया था। इसके बाद आजाद मैदान पुलिस ने करीब 400 लोगों पर केस दर्ज किया था। हालांकि, गवाहों ने माना कि रैली के लिए इजाजत ली गई थी।
लंदन में रहने वाले प्रसिद्ध डॉक्टर और यूट्यूबर संग्राम पाटिल को शनिवार सुबह मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई भाजपा मीडिया सेल के पदाधिकारी निखिल भामरे के दर्ज कराए गए मानहानि के एक मामले में की गई है। पुलिस के अनुसार, पाटिल पर सत्ताधारी दल के बारे में गलत जानकारी फैलाने और नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है।
पुलिस अधिकारी ने दी जानकारी
पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था, बल्कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत नोटिस देकर छोड़ा गया है। लंदन से आने पर पाटिल और उनकी पत्नी से प्रारंभिक पूछताछ की गई। बीएनएसएस की यह धारा पुलिस को उन मामलों में गिरफ्तारी के बजाय आरोपी को पेश होने के लिए नोटिस जारी करने का अधिकार देती है जिनमें सजा कम होती है।