महाराष्ट्र के अकोला जिले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये सभी लोग खुद को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) का अधिकारी और कर्मचारी बता रहे थे। आरोपियों से एक कार भी जब्त की गई गई है, जिस पर एनसीबी का लोगो लगा है और उस पर एक एम्बर बीकन लाइ लगी हुई है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि उन्हें गुरुवार रात जिले के दहीहांडा गांव से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी यहां पिछले एक महीने से पान की दुकान के मालिकों औऱ अन्य विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, खुद को अधिकारी बताने वाला मामले का मुख्य आरोपी अकोला का मूल निवासी है और उसके पास एमटेक की डिग्री है।
दहीहांडा पुलिस थाने के निरीक्षक सुरेंद्र राउत ने कहा, 'हमें सूचना मिली थी कि कुछ लोग खुद को एनसीबी अधिकारी और कर्मचारी बताकर पिछले एक महीने से यहां काम कर रहे हैं। हमें बताया गया कि अपने फर्जी पहचान के माध्यम से वे पान की दुकान के मालिकों और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे थे।' उन्होंने बताया कि कुछ स्थानीय लोगों को उनकी गतिविधियों पर संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचित किया।
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पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में ले लिया है। उन्हें एक निजी वाहन का उपयोग करते हुए पाया गया, जिसके आगे और पीछे की तरफ राष्ट्रीय प्रतीक था और साथ ही नंबर प्लेट पर 'उप क्षेत्रीय निदेशक- एनसीबी' लिखा हुआ था। वाहन के ऊपर एम्बर बीकन लाइट लगाई गई थी। निरीक्षक राउत ने कहा कि उनके पास से फर्जी लेटरहेड, विजिटिंग कार्ड और डाक टिकट भी बरामद किए गए।
उन्हें हिरासत में लेने के बाद दहीहांडा पुलिस ने उनकी पहचान सत्यापित करने के लिए मुंबई में एनसीबी कार्यालय को मेल किया। एजेंसी ने पुष्टि की कि वे उसके कर्मचारी नहीं हैं। उन्होंने बताया कि मुंबई से एनसीबी अधिकारी अमोल मोरे ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया और उनके वाहन को जब्त कर लिया गया।