बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनसीपी नेता और पूर्व विधायक बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में आरोपी आकाशदीप कराज सिंह को सोमवार को जमानत दे दी। इसके साथ ही वह इस मामले में राहत पाने वाला पहला आरोपी बन गया है। न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने आदेश में कहा कि जिस संगठित अपराध गिरोह पर इस हत्या को अंजाम देने का आरोप है जिसका कथित तौर पर नेतृत्व लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई कर रहे हैं वह निस्संदेह एक गंभीर अपराध से जुड़ा मामला है।
हालांकि, आरोपी आकाशदीप सिंह के संबंध में पेश किए गए सबूतों की समीक्षा के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी कि इस स्तर पर उसके खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया में सही माने जा सकते हैं। अदालत ने पंजाब निवासी 22 वर्षीय आकाशदीप सिंह को एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत देते हुए निर्देश दिया कि वह मुकदमे के पूरा होने तक मुंबई नहीं छोड़ेगा।
1200 करोड़ रुपये के घोटाले में पीड़ितों का प्रदर्शन
निवेश के नाम पर हुए 1200 करोड़ रुपये के घोटाले में पीड़ितों ने सोमवार को ठाणे में पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की और साथ ही धोखाधड़ी में गए उनके पैसे भी वापस करने की मांग की। आर्थिक अपराध शाखा ने बीते महीने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में महाराष्ट्र में 11 हजार निवेशकों को चूना लगाया गया, जिनमें 1500 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इस मामले में समीर नार्वेकर, उसकी पत्नी, अन्य सहयोगी अमित बालम, इनकी निवेशक कंपनी ट्रेड विद जैज शामिल हैं।