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Maharashtra: राज्यसभा की रिक्त एक सीट पर कांग्रेस ने ठोका दावा, राउत सोमैया की पत्नी के मानहानि मामले में बरी

Fri, 27 Feb 2026 05:54 PM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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महाराष्ट्र की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला
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महाराष्ट्र में राज्यसभा की खाली सात सीटों में से विपक्ष सिर्फ एक सीट जीत सकती है। उस एक सीट पर गठबंधन के घटक दलों के बीच जारी खींचतान के बीच कांग्रेस ने अपनी दावेदारी पेश की है। इससे विपक्षी दलों के समूह महा विकास आघाडी (एमवीए) में फूट पड़ गई है।

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कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय दल का दर्जा प्राप्त होने का हवाला देते हुए राज्यसभा सीट पर कांग्रेस का दावा ठोंका, जबकि कुछ दिन पहले शिवसेना (यूबीटी) ने कहा था कि इस सीट पर उसका पहला अधिकार है। एमवीए के वरिष्ठ नेताओं ने  राज्यसभा सीट पर विचार-विमर्श करने के लिए बैठक की। उसके बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते कांग्रेस ने प्रस्ताव रखा है कि राज्यसभा सीट उसे दिया जाए। एजेंसी

राउत सोमैया की पत्नी के मानहानि मामले में बरी
मुंबई की एक सत्र अदालत ने शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) सांसद संजय राउत की पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी मेधा सोमैया की तरफ से दायर मानहानि मामले में बरी कर दिया। भाजपा नेता की पत्नी ने अदालत का रुख कर यह दावा किया था कि राउत ने उनके और उनके पति के खिलाफ निराधार एवं मानहानिकारक आरोप लगाए। पिछले साल एक मजिस्ट्रेटी अदालत ने राउत को मामले में दोषी मान 15 दिन की जेल की सजा सुनाई।
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शिवसेना नेता ने बाद में सत्र अदालत में मजिस्ट्रेट के फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने बृहस्पतिवार को उनकी याचिका स्वीकार कर ली। राउत ने मीरा-भयंदर नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण से संबंधित 100 करोड़ रुपये के घोटाले में दंपति का नाम घसीटा था।

महाराष्ट्र महिला आयोग ने बडलीपुर में की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकंकर ने बडलीपुर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जो मानव अंडाणु रैकेट के खुलासे के बाद आयोजित की गई। अधिकारियों के अनुसार, कम आर्थिक पृष्ठभूमि वाली कम से कम 40 महिलाओं को धोखाधड़ी करके कई बार अंडाणु दान के लिए लुभाया गया। मल्टी आईवीएफ सेंटर, जो केवल नासिक में लाइसेंसधारी है, थाने में बिना अनुमति संचालन कर रहा था।

चाकणकर ने कहा कि मामले की गंभीरता पहले सोची गई से कहीं अधिक है। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार पांचों आरोपियों के पास कोई मेडिकल योग्यता नहीं थी, बावजूद इसके उन्होंने हार्मोनल इंजेक्शन और एनेस्थीसिया के तहत अंडाणु निकासी की। उन्होंने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और स्थानीय पुलिस को आदेश दिया कि सभी सोनोग्राफी सेंटर और आईवीएफ क्लीनिक के लाइसेंस की जांच की जाए।

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महाराष्ट्र में व्हाट्सएप डीपी को लेकर हुए विवाद में युवक की चाकू मारकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार
महाराष्ट्र के पालघर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नालासोपारा ईस्ट के हनुमान नगर इलाके में शुक्रवार तड़के एक 24 वर्षीय युवक की उसकी पत्नी के सामने ही चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, यह पूरी वारदात व्हाट्सएप डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) को लेकर हुए मामूली विवाद के कारण हुई।अधिकारी ने बताया कि घटना सुबह करीब 4:30 बजे की है। आरोपी मेहंदी हसन शेख (25) की आफताब शेख के साथ व्हाट्सएप डीपी को लेकर तीखी बहस हुई थी। धीरे-धीरे विवाद इतना बढ़ गया कि मेहंदी ने गुस्से में आकर आफताब पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में आफताब की मौके पर ही मौत हो गई।

मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी मेहंदी को वारदात के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया है और उस पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि आरोपी मेहंदी एक बांग्लादेशी नागरिक है और वह पहले भी किसी गंभीर अपराध में सजा काट चुका है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सभी दावों और आरोपी की पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। पुलिस इस मामले के हर पहलू को खंगाल रही है ताकि हत्या की असली वजह और आरोपी के इतिहास का पता लगाया जा सके।

डीपीएस फ्लेमिंगो झील को बचाने की मांग तेज, पर्यावरणविदों ने सरकार से रखी ये मांग
नवी मुंबई के पर्यावरणविदों ने महाराष्ट्र सरकार से डीपीएस फ्लेमिंगो झील को औपचारिक सुरक्षा देने की प्रक्रिया तेज करने की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र राज्य वन्यजीव बोर्ड ने पिछले साल अप्रैल में ही इस झील को 'कंजर्वेशन रिजर्व' (संरक्षण रिजर्व) का दर्जा दे दिया था। हालांकि, इसे आधिकारिक रूप से लागू करने के लिए जरूरी सरकारी प्रस्ताव (जीआर) अभी तक जारी नहीं हुआ है। नैटकनेक्ट फाउंडेशन के निदेशक बी.एन. कुमार ने बताया कि इस देरी के कारण झील का प्रबंधन वन विभाग को नहीं सौंपा जा सका है। वर्तमान में यह क्षेत्र सिडको (सीआईडीसीओ) के नियंत्रण में है, जो इसे अब भी विकास योग्य जमीन का टुकड़ा मानता है। यह झील ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो अभयारण्य के पक्षियों के लिए हाई-टाइड रिजर्वेशन के रूप में बेहद महत्वपूर्ण है।

सृष्टि कंजर्वेशन फाउंडेशन के वरिष्ठ वैज्ञानिक मृगांक प्रभु के अनुसार, इस साल मुंबई में फ्लेमिंगो के आने में देरी हुई है। पानी का स्तर अच्छा होने के कारण पक्षी अभी गुजरात के कच्छ के रण में रुके हुए हैं और मार्च के मध्य तक उनके मुंबई पहुंचने की उम्मीद है। नवी मुंबई एनवायरनमेंट प्रिजर्वेशन सोसाइटी के संदीप सरीन ने चेतावनी दी है कि आगर ज्वार के बहाव में रुकावट के कारण झील की स्थिति बिगड़ी, तो ये पक्षी दूसरी जगहों पर चले जाएंगे। पर्यावरणविदों ने मांग की है कि झील के संरक्षण के लिए बिना किसी देरी के सरकारी प्रस्ताव जारी किया जाए।
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