नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की मुंबई क्षेत्रीय इकाई ने 25 किलोग्राम से अधिक कीमती नशीले पदार्थ नष्ट किए, जिनमें कोकीन, हाइड्रो गांजा और कैनाबिस गमीज शामिल हैं। ये सभी नशीले पदार्थ नवी मुंबई के एक ड्रग सिंडिकेट से जब्त किए गए थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
एनसीबी के मुताबिक, जब्त किए गए इन नशीले पदार्थों को बुधवार को तलोजा में मुंबई कचरा प्रबंधन लिमिटेड में आग में जलाकर नष्ट किया गया। यह माल एक लंबे समय से चल रही उस कार्रवाई में पकड़ा गया था, जो नशीले पदार्थों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और उनके वित्तीय नेटवर्क से जुड़ी थी। दो आरोपियों को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे भारत में घुसने की कोशिश कर रहे थे। विस्तृत जांच और संयुक्त कार्रवाई के बाद गिरोह के सरगना का पता लगा लिया गया। उसे मलयेशिया से भारत वापस भेजा गया और फिर गिरफ्तार किया गया।
ब्यूरो ने कहा, गहन जतांच के बाद अब तक कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें सरगना, उसके मुख्य सहयोगी, हवाला ऑपरेटर, भंडारण से जुड़े लोग और अलग-अलग जगहों के डिस्ट्रीब्यूटर आदि शामिल हैं। वित्तीय जांच के बाद सरगना से जुड़े 10 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियों को भी जब्त किया गया है।
महाराष्ट्र सरकार ने लाडकी बहिन योजना की ई-केवाईसी की समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ाई
महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं और लाभार्थियों के सामने आई अन्य कठिनाइयों को देखते हुए 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन' योजना के तहत ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है।
इससे पहले लाभार्थियों को 18 नवंबर तक ई-केवाईसी पूरा करने का निर्देश दिया गया था। हालाँकि, महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने एक बयान में कहा कि राज्य भर में प्रतिकूल मौसम और अन्य बाधाओं के कारण कई पात्र महिलाएं समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रही हैं।
तटकरे ने कहा कि समय सीमा बढ़ाने से योजना के तहत लाभ की निरंतरता और निर्बाधता सुनिश्चित होगी। महायुति सरकार द्वारा पिछले साल जुलाई में शुरू की गई यह प्रमुख योजना लगभग 2.3 करोड़ महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
महिला पुलिसकर्मी ने पॉक्सो मामले में गवाह को धमकाया, रिश्वत मांगी; गिरफ्तार
एक महिला पुलिस उप-निरीक्षक को पॉक्सो मामले के एक प्रमुख गवाह को दूसरे मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे 50,000 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में नागपुर जिला अदालत परिसर से गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी, जिसकी पहचान दीक्षा तजाणे के रूप में हुई है, उसने कथित तौर पर गवाह को, जो नाबालिग पीड़िता की रिश्तेदार बताई जा रही है, आरोपी की ओर से धमकाया। यह मामला मंगलवार को तब सामने आया जब गवाह ने अदालत में बयान दिया और धमकी और रिश्वत की मांग का खुलासा किया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गवाह ने यह भी गवाही दी कि उसने तजाणे को पहले ही 20,000 रुपये दे दिए हैं। इस नाटकीय गवाही के बाद, सहायक लोक अभियोजक सरोज खापर्डे ने अदालत में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। अदालत के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए, सदर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और तजाणे को अदालत परिसर से हिरासत में ले लिया।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अमोल देशमुख ने बताया कि अभियोजक की शिकायत और अदालत के आदेश के बाद तुरंत कार्रवाई की गई। पॉक्सो मामले में पीड़िता एक छात्रा है जो नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। आरोपी लीलाधर मनसाराम समर्थ (37) को गिरफ्तार कर लिया गया है।