महाराष्ट्र को है सरकार की जरुरत
शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के महा विकास अघाड़ी ने अपनी याचिका में राज्य में 24 घंटे के भीतर बहुमत परीक्षण का आदेश देने की मांग की है। सिब्बल ने अपनी दलील में कहा कि महाराष्ट्र को सरकार की जरुरत है। जब हम कह रहे हैं कि हमारे पास बहुमत है तो हम इसे साबित करने के लिए तैयार हैं। हम कल बहुमत साबित करने के लिए तैयार हैं। राज्यपाल ने फडणवीस सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 30 नवंबर तक का वक्त दिया है। हमने कर्नाटक में भी ऐसा देखा है। अगर उनके पास (भाजपा) बहुमत है, तो उन्हें अपना बहुमत साबित करने दें।
राज्यपाल ने क्यों नहीं किया इंतजार
वहीं एनसीपी और कांग्रेस की तरफ से अदालत में पेश हुए वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, 'राज्यपाल का दायित्व है कि उसे शुरुआत में बहुमत के लिए दस्तावेज और फिजिकल वेरिफिकेशन से संतुष्ट होना होता है। यह प्रक्रिया है। जब शाम सात बजे यह घोषणा की गई कि हम सरकार बनाने का दावा पेश करने वाले हैं और उद्धव ठाकरे इसका नेतृत्व करेंगे, तो क्या राज्यपाल इंतजार नहीं कर सकते थे? केवल 42-43 सीटों के सहारे अजीत पवार उप-मुख्यमंत्री कैसे बन गए? यह लोकतंत्र की हत्या नहीं है?'
सिंघवी ने अदालत को दिया सुझाव
उन्होंने आगे कहा, कल 41 विधायक ने अजित पवार को हटा दिया। अजित का समर्थन पत्र गैरकानूनी है। अदालत को सुझाव देते हुए सिँघवी ने कहा कि सोमवार सुबह प्रोटेम स्पीकर के तौर पर सबसे वरिष्ठ विधायक को चुना जाए। जिसके बाद सुबह के 11 बजे से शाम के चार बजे तक सभी विधायकों की शपथ विधि हो जाएगी। इसके बाद विधानसभा में बहुमत परीक्षण करवाया जा सकता है।