महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ राकांपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य में पदस्थ आईएएस व आईपीएस अफसरों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार के खिलाफ भाजपा नीत केंद्र सरकार की मदद न करें। ये अधिकारी कथित तौर पर गुप्त रूप से केंद्र की मदद कर रहे हैं।
यह चेतावनी कई नेताओं की टेलीफोन पर बातचीत की गैरकानूनी टैपिंग करने के आरोपों को मद्देनजर दी गई है। हालांकि, विपक्षी पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि उपयुक्त अनुमति के बाद फोन टैपिंग की गई और दावा किया कि इससे ‘तबादला घोटाले’ का खुलासा हुआ।
राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता अजीत पवार ने संवाददाताओं से कहा कि दोषी पाए जाने पर किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी मुख्य सचिव से इस बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है कि कुछ अधिकारियों ने गलती की है या नहीं। यदि वे (अधिकारी) इसमें संलिप्त पाए गए तो उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
रश्मि शुक्ला पर बिना अनुमति कॉल टैप करने का आरोप
राकांपा नेता जितेंद्र आव्हाड ने बुधवार को आरोप लगाया था कि तत्कालीन खुफिया आयुक्त रश्मि शुक्ला ने तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) सीताराम कुंते की अनुमति के बगैर कॉल टैप की थी। उन्होंने दावा किया था कि कुछ खास लोगों के कॉल की निगरानी के लिए अनुमति मांगी गई थी, लेकिन असल में कुछ अन्य लोगों की कॉल टैप की गई।
फडणवीस ने लगाया था आरोप
भाजपा नेता देवेंद्र फड़णवीस ने आरोप लगाया था कि एमवीए सरकार ने रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट दबा दी, जिसमें कहा गया था कि टैप कॉल के मुताबिक कुछ पुलिस अधिकारी और नेता राज्य के गृह विभाग में तबादला घोटाले में कथित तौर पर संलिप्त हैं।
अजित पवार ने कहा कि कुछ गंभीर कार्रवाई को टालने के लिए ही फोन कॉल टैप की गई थी। यह गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अनुमति से की गई थी। महाराष्ट्र के मौजूदा मुख्य सचिव सीताराम कुंते उस वक्त एसीएस (गृह) थे। मुख्यमंत्री ठाकरे ने कुंते से फड़णवीस के आरोपों पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
बता दें कि एंटीलिया मामले को लेकर मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह ने सीएम उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर आरोप लगाया कि वे सचिन वाजे पर हर माह 100 करोड़ रुपये वसूली का दबाव डालते थे। इसके बाद राज्य में तबादला रैकेट चलने का भी मामला सामने आया था। इसे लेकर आईपीएस रश्मि शुक्ला का पत्र फडणवीस ने जारी किया था।