महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। उद्धव ठाकरे के साथ आने के कुछ सालों में ही एनसीपी में भी फूट पड़ गई। इसके बाद अजित पवार अचानक शिंदे गुट में शामिल हो गए, जिसके बाद उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसी के साथ शुक्रवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने सीएम एकनाथ शिंदे से उनके आवास पर मुलाकात की। इससे मुलाकात के बाद उनके साथ आने की भी अटकलें तेज हो गई हैं।
सीएम शिंदे ने एक ट्वीट में कहा कि दोनों नेताओं ने नासिक जिले में कृषि ऋण, मुंबई में बीडीडी चॉल के पुनर्विकास में स्थानीय निवासियों के मुद्दों और राज्य एजेंसी सिडको द्वारा घर की कीमतों में कमी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों का जल्द से जल्द संतोषजनक समाधान निकाला जाएगा।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब ऐसी चर्चा है कि राकांपा नेता अजित पवार के महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने के मद्देनजर राज के चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली मनसे और शिवसेना हाथ मिला सकती हैं। शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस दोनों ने ऐसे किसी भी कदम से इनकार किया है।
अजित पवार के सरकार में आने पर बोले सीएम शिंदे- मेरे पद को कोई खतरा नहीं
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा कि राज्य की शिवसेना-भाजपा सरकार में राकांपा नेता अजित पवार के शामिल होने से उन्हें कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब मेहनती कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जाती है तो पार्टियां टूट जाती हैं।
एक इंटरव्यू में शिंदे ने कहा कि ऐसी चीजें तब होती हैं जब मेधावी पार्टी कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया जाता है। अजित पवार ने खुद कहा है कि यह शरद पवार ही थे जो पहले 2017, 2019 में भाजपा के साथ गठबंधन चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने यू-टर्न ले लिया।
उन्होंने यह भी बताया कि शरद पवार ने खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री वसंतदादा पाटिल (1978 में) और कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी (1999 में) के खिलाफ विद्रोह किया था। उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने की अटकलों को खारिज करते हुए शिंदे ने कहा कि ये बेबुनियाद अफवाहें हैं।