महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने भी अब राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस तरह कराह-कराह कर सरकार नहीं चल सकती। जनसामान्य के सवाल बहुत हैं, लेकिन सरकार से जवाब नहीं मिल रहा है।
राज ठाकरे गुरुवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने राजभवन गए थे। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को बिजली बिल से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होने राज्यपाल से मांग की कि बिजली उपभोक्ताओं को राहत दिलाने और किसानों के दूध की दर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री को निर्देशित करें। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के यहां सुनवाई न होने के नाते भाजपा नेता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्यपाल कोश्यारी के पास जाते थे, लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते अब मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे को भी राजभवन की चौखट पर पहुंचना पड़ा।
राज को पवार से मिलने की सलाह दी
राजभवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में राज ठाकरे ने कहा कि राज्यपाल ने मुझे बिजली बिलों को लेकर पवार से बातचीत करने की सलाह दी है। इसलिए, मैं पवार से बात करूंगा या फिर मुलाकात करूंगा। यदि आवश्यकता पड़ी, तो मैं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से भी मिलूंगा। मुख्यमंत्री को कोई भी बात बताने पर वे हमेशा कहते हैं कि इस पर काम चालू है। लेकिन कोई फैसला नहीं होता है।
राज ने कटाक्ष करते हुए कहा कि फिलहाल सरकार और राज्यपाल के बीच अधिक दोस्ती होने के कारण इस मामले का निराकरण कितना होगा यह मुझे नहीं पता। फिर भी मुझे उम्मीद है कि राज्यपाल सरकार से जरूर चर्चा करेंगे। राज ने कहा कि जिन बिजली उपभोक्ताओं के प्रति महीने दो हजार रुपये बिल आते थे, उनका 10 हजार रुपये बिल आ रहा है। कई उपभोक्ताओं को पांच हजार रुपये की जगह 25 हजार रुपये बिल आ रहे हैं। यह बात राज्य सरकार को पता है।
पवार चला रहे महाराष्ट्र सरकार : पाटिल
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे को पवार से मिलने की सलाह देने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर तंज कसा है। पाटिल ने कहा कि राज्यपाल ने सही सलाह दी है। यह सच्चाई है कि महाराष्ट्र की सरकार शरद पवार ही चला रहे हैं। संभवतः मुख्यमंत्री ने सरकार चलाने का ठेका पवार को दिया है। पाटिल ने कहा कि प्रदेश की सरकार पवार ही चला रहे हैं। फिर मुख्यमंत्री से मिलने से क्या अर्थ है? इसलिए समस्याओं को सुलझाने के लिए पवार से ही बोलना पड़ेगा क्योंकि मुख्यमंत्री न ही प्रदेश का दौरा करते हैं और न ही ऑनलाइन किसी से बातचीत करते हैं।