महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में यौन उत्पीड़न पीड़िता एक किशोरी ने ‘आत्महत्या’ करने के लिए अपना घर छोड़ दिया। किशोरी का घर तलोजा इलाके में स्थित है। किशोरी ने पिछले साल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था।
लड़की के भाई ने मंगलवार को आरोप लगाया कि अधिकारी के दबाव के कारण उसकी बहन ने यह फैसला लिया है। पुलिस ने अधिकारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 363 (अपहरण के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी लड़की के पिता का दोस्त था।
एक पुलिस अधिकारी ने शिकायत का हवाला देते हुए कहा, ‘लड़की के भाई ने मंगलवार को पुलिस से संपर्क किया और दावा किया कि उसकी बहन ने सोमवार रात एक पत्र छोड़ा है, जिसमें लिखा है कि वह डीआईजी के दबाव के कारण आत्महत्या करने जा रही है।’
लड़की के भाई ने पीटीआई को बताया कि उसकी बहन ने लिखा है कि वह रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या कर लेगी।
‘मुझे खोजने की कोशिश मत करना, आप सभी को मेरा प्यार’
पत्र में लिखा है, ‘मुझे खोजने की कोशिश मत करना। आप सभी को मेरा प्यार।’’
उसमें लिखा है, ‘डीआईजी मेरी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार है।’
पुलिस अभी तक लड़की का पता नहीं लगा सकी है। गौरतलब है कि कथित यौन उत्पीड़न की घटना पिछले साल जून में तलोजा में लड़की के घर पर हुई थी। तब वह 17 साल की थी। इसके बाद पुणे के एक उप महानिरीक्षक पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उप महानिरीक्षक को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया।