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MVA में हलचल: उद्धव नहीं तो कांग्रेस की दावेदारी, पवार को राज्यसभा भेजने के बदले हर्षवर्द्धन ने मांगा अपना हक

Thu, 16 Apr 2026 06:58 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, मुंबई

सार

महाराष्ट्र विधान परिषद की नौ सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले महाविकास अघाड़ी के भीतर खींचतान शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि उद्धव ठाकरे दोबारा मैदान में नहीं उतरते, तो वह सीट कांग्रेस के कोटे में जानी चाहिए। गठबंधन के भीतर समीकरणों को साधने के लिए कांग्रेस अब लेन-देन की रणनीति पर उतर आई है।
 
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हर्षवर्द्धन सपकाल, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष - फोटो : @ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर 'गठबंधन धर्म' को लेकर शह-मात का खेल शुरू हो गया है। आगामी 12 मई को होने वाले विधान परिषद (एमएलसी) के द्विवार्षिक चुनावों के लिए कांग्रेस ने अभी से अपनी दावेदारी ठोक दी है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने कहा, ' यदि उद्धव ठाकरे अपनी सीट पर दोबारा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला करते हैं, तो उस पर कांग्रेस का स्वाभाविक दावा बनता है।'
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सपकाल की यह मांग महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि गठबंधन के भीतर पिछली कुर्बानियों का हिसाब है। सपकाल ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की इच्छा के बावजूद एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार को विपक्षी गठबंधन के साझा उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा था। कांग्रेस अब चाहती है कि विधान परिषद के मामले में अन्य सहयोगी दल दरियादिली दिखाएं।

विपक्ष की चुनौती
288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा नीत महायुति का प्रचंड बहुमत है। आंकड़ों के लिहाज से विपक्ष के पास नौ में से केवल एक सीट जीतने का कोटा मौजूद है। रिटायर हो रहे नौ सदस्यों में उद्धव ठाकरे के अलावा नीलम गोरे, अमोल मिटकरी और शशिकांत शिंदे जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं। विपक्ष की साझा ताकत केवल एक उम्मीदवार को सुरक्षित रूप से ऊपरी सदन भेज सकती है।
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प्रज्ञा सातव की सीट पर भी पेंच
हर्षवर्द्धन सपकाल ने सिर्फ खाली हो रही नौ सीटों पर ही नहीं, बल्कि प्रज्ञा सातव के दलबदल से खाली हुई सीट पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की कि वे राजनीतिक मर्यादाओं और परंपराओं का पालन करें। सपकाल ने बारामती उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे वहां कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ अपना उम्मीदवार हटा लिया था, वैसे ही प्रज्ञा सातव की सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित होने दिया जाए। फिलहाल, 13 मई को कार्यकाल पूरा कर रहे सदस्यों की सूची लंबी है और विपक्षी खेमे में सीट के बंटवारे को लेकर होने वाली यह चर्चा आने वाले दिनों में महाविकास अघाड़ी की एकजुटता की अग्निपरीक्षा साबित होगी।


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