भीमा कोरेगांव हिंसा मामले पर महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी विधायक दल के नेता जयंत पाटिल ने कहा कि हम मामलों की वापसी नहीं कर रहे हैं। हम केवल गैर-गंभीर अपराधों के बारे में बात कर रहे हैं, जहां लोग आम तौर पर किसी अन्य तरीके से शामिल हुए।
नाणार रिफाइनरी परियोजना के प्रदर्शनकारियों और मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ काटने का विरोध जताने पर पर्यावरणविदों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने के एलान के बाद भीमा कोरेगांव मामले में दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग उठ रही है।
एनसीपी के वरिष्ठ नेता धनंजय मुंडे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने की मांग की।
इससे पहले कांग्रेस के एमएलसी प्रकाश गजभिये ने भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर भीमा कोरेगांव मामले में दर्ज किए गए केसों को वापस लेने की अपील की थी।
वहीं, इस मामले ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था कि पिछली सरकार ने भीमा कोरेगांव मामलों को वापस लेने का आदेश दिया था। पहले, हम आकलन करेंगे कि क्या इसे लागू किया गया था।