Sunetra Pawar Oath: विमान हादसे में अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने अपना नेता सुनेत्रा पवार को चुना है। शनिवार को विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार के नाम पर मुहर लगी। ऐसे में अब शाम पांच बजे डिप्टी सीएम के तौर पर सुनेत्रा शपथ लेंगी। इस पूरे घटनाक्रम पर अब महाराष्ट्र के मंत्री और शिंदे गुट के नेता संजय शिरसाट की प्रतिक्रिया सामने आई है।
महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी को विमान हादसे में एनसीपी प्रमुख और पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन हो गया। इस दुखद घटना के तीन दिन बाद अब एनसीपी विधायक की दल की बैठक में सर्वसम्मति से अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को नेता चुना गया है। ऐसे में अब शाम पांच बजे सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगी। इस बीच शपथ ग्रहण को लेकर की जा रही कथित जल्दबाजी पर महराष्ट्र सरकार के मंत्री और शिंदे गुट के नेता संजय शिरसाट की प्रतिक्रिया सामने आई है।
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शपथ ग्रहण की जल्दबाजी को बताया अंदरूनी राजनीति
महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने अपने बयान में कहा कि 28 जनवरी को अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के कुछ ही दिनों बाद नए उपमुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह को 'बाद में होना चाहिए था'। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि इस घटनाक्रम से पता चलता है कि कुर्सी इंसान से ज्यादा जरूरी है। इसी के साथ मंत्री संजय शिरसाट ने हा कि ऐसा लगता है कि यह जल्दबाजी एनसीपी की कुछ अंदरूनी राजनीति का नतीजा है।
कुर्सी इंसान से ज्यादा जरूरी: शिरसात
छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से बात करते हुए शिरसात ने कहा कि पिछले दो दिनों की घटनाओं से पता चलता है कि कुर्सी इंसान से ज्यादा जरूरी है। आम लोगों को यह पसंद नहीं है। मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि ये शपथ ग्रहण समारोह थोड़ा बाद में होने चाहिए थे। उन्होंने आगे कहा कि, 'अजित पवार के निधन के बाद जो घटनाएं हम देख रहे हैं, वे एक दिन तो होनी ही थीं। लेकिन सुनेत्रा पवार का इतनी जल्दी मुंबई रवाना होना और उनके (एनसीपी) पार्टी नेताओं के बयान हमें स्वीकार्य नहीं लग रहे हैं। इतनी जल्दबाजी क्यों? शपथ ग्रहण समारोह एक सप्ताह बाद भी हो सकता था।'
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एनसीपी के विलय पर क्या बोले मंत्री?
शिरसात ने यह भी कहा कि अजित पवार की मृत्यु के बाद बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य के कारण एनसीपी और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) के विलय में अब लंबा समय लग सकता है। शिरसात ने अपने बयान में कहा, 'कहा जा रहा है कि विलय के लिए बैठकें हुई थीं। पहले अजित पवार के फैसले का किसी ने विरोध नहीं किया था। लेकिन अब जब वे नहीं रहे, तो विलय का फैसला सामूहिक रूप से लिया जाएगा। इस प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है।'
शिवसेना नेता संजय निरुपम का बयान
इधर, सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम की शपथ लेने पर शिवसेना नेता संजय निरुपम का बयान भी सामने आया। उन्होंने कहा कि यह एनसीपी का अंदरूनी मामला है। सभी विधायकों और एनसीपी नेताओं को लगा कि अजित दादा की मौत से जो जगह खाली हुई है, उसे जल्दी भरा जाना चाहिए। मुझे लगता है कि इस विचार का सम्मान किया जाना चाहिए और इस पर बेवजह कोई विवाद नहीं होना चाहिए। वहीं एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय की खबरों पर उन्होंने कहा कि दोनों एनसीपी का विलय उनका अंदरूनी मामला है। हमें इस विषय पर अधिक बात नहीं करनी चाहिए।