बांद्रा स्टेशन पर इकट्ठा हुए प्रवासी मजदूर (फाइल फोटो)
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विश्वव्यापी कोरोना संकट में जारी लॉकडाउन के बीच फंसे प्रवासी मजदूरों को अंतर्राज्यीय यात्रा की अनुमति मिलने के बाद उनमें नई आस जगी है। किन्तु, यह सवाल बरकरार है कि मुंबई जैसे शहर से लाखों प्रवासी बसों से कैसे उत्तर प्रदेश पहुंच पाएंगे। इस मामले में उत्तर प्रदेश की तरफ से फिलहल, सूची बनाने के अलावा कोई हलचल नहीं है। लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने हाल ही में कहा था कि वह प्रवासियों को उनके गांव भेजने के लिए रास्ता निकाल रहे हैं। जैसे ही कोई रास्ता निकलेगा प्रवासी मजदूरों को उनके गांव रवाना कर दिया जाएगा। इसी बीच मुंबई भाजपा के महामंत्री अमरजीत मिश्र एवं यूपी डेवलपमेंट फोरम ने भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की थी कि प्रवासियों को उनके अपने निजी वाहन से जाने की अनुमति मिले या फिर बसों से भेजने का प्रबंध किया जाए।
मुंबई और महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश के प्रवासियों की संख्या लाखों में है। मुंबई में मध्य और पश्चिम रेलवे पर किताब लिख चुके बरिष्ठ पत्रकार विमल मिश्र कहते हैं कि हर साल अप्रैल और मई महीने में करीब 35 लाख प्रवासी उत्तर प्रदेश रवाना होते हैं। कोरोना संक्रमण में लॉकडाउन के चलते लाखो टिकट वापस हो चुके हैं। जबकि सामान्य टिकटों की गणना ही नहीं है। ऐसे में गांव जाने की अनुमति मिलने पर महाराष्ट्र से 15 से 18 लाख लोग उत्तर प्रदेश रवाना होंगे। इतने लोगों को बसों से यूपी ले जाने में खासी कठिनाई आ सकती है।
मुंबई से शुरू हो स्पेशल ट्रेन- कृपाशंकर सिंह
मुंबई के उत्तर भारतीय नेता कृपाशंकर सिंह ने प्रवासियों को उनके घर भेजने के लिए अंतर्राज्यीय परिवहन यात्रा शुरू करने की अनुमति देने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया है। उनकी मांग की है मुंबई से वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज और गोरखपुर के लिए स्पेशल ट्रेन शुरू की जाए। प्रवासी किराया देने के लिए तैयार है।
प्रवासी मजदूरों के लिए तैयार हैं 1000 बसें- अनिल परब
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने बुधवार को कहा कि राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) की एक हजार बसों को तैयार रखा गया है। सरकार की तरफ से निर्देश मिलते ही एसटी की बसों से प्रवासी मजदूरों को भेजने की व्यवस्था की जाएगी। अनिल परब ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को उनके गांव में भेजने के लिए राज्य सरकार की ओर से हमारे विभाग को अभी तक कोई निर्देश नहीं मिला है। लेकिन हमारी पूरी तैयारी है। सरकार की तरफ से निर्देश मिलते ही एसटी की बसों के माध्यम से प्रवासी मजदूरों को रवाना किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के बाद महाराष्ट्र की बारी- मनीष शुक्ल
उत्तर प्रदेश भाजपा प्रवक्ता मनीष शुक्ल ने कहा कि फिलहाल, हरियाणा से प्रवासियों को वापस लाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। 29 अप्रैल से मध्य प्रदेश से लोगों को वापस लाने की शुरुआत हुई है। इसके बाद महाराष्ट्र के प्रवासियों को उत्तर प्रदेश वापस लाने की व्यवस्था की जाएगी। शुक्ल ने कहा कि महाराष्ट्र से आने वालों की संख्या काफी अधिक है। इसलिए इसके मुताबिक व्यवस्था की जाएगी।