औरंगाबाद डिवीजन को कवर करने वाले राजस्व विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, 483 मौतों में से बीड जिले में सबसे ज्यादा 128, उस्मानाबाद में 90 और नांदेड़ में 89 किसानों ने आत्महत्या की।
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में इस साल के पहले छह महीनों में कुल 483 किसानों ने आत्महत्या की, जिनमें सबसे अधिक 92 मामले जून महीने के हैं। राज्य के राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि मौतों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है, जनवरी में 62, फरवरी में 74, मार्च में 78, अप्रैल में 89, मई में 88 और जून में 92 किसानों ने आत्महत्या की।
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औरंगाबाद डिवीजन को कवर करने वाले राजस्व विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, 483 मौतों में से बीड जिले में सबसे ज्यादा 128, उस्मानाबाद में 90 और नांदेड़ में 89 किसानों ने आत्महत्या की। जून में किसानों की आत्महत्या के 92 मामले सामने आए, जिनमें बीड में 30 और नांदेड़ में 24 किसानों की आत्महत्या के मामले शामिल हैं।
अधिकारी ने कहा, 483 मामलों में से 304 को अनुग्रह राशि के लिए पात्र पाया गया, 112 मामलों की जांच जारी है, जबकि 67 को अनुग्रह राशि के अपात्र पाया गया है। अब तक केवल 10 परिवारों को अनुग्रह राशि मिली है, जिसमें 30,000 रुपये की नकद सहायता और भविष्य में दावा करने के लिए सावधि जमा के रूप में रखे गए 70,000 रुपये शामिल हैं। बीड राज्य के कृषि मंत्री धनंजय मुंडे का गृह जिला है, हालांकि उन्होंने दो जुलाई को शपथ ली है।