महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने सोमवार को कहा कि मराठी सीखने की एक महीने की समयसीमा पूरी होने से पहले ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों पर गलत तरीके से जुर्माना लगाने वाले क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत में सरनाईक ने स्पष्ट किया कि 12 अगस्त के सरकारी प्रस्ताव में कहा गया था कि मराठी का कामकाजी ज्ञान नहीं रखने वाले ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों को आरटीओ अधिकारी एक महीने का नोटिस देंगे। इस दौरान उन्हें मराठी सीखने का समय दिया जाएगा।
महाराष्ट्र सरकार ने दी क्या छूट?
प्रताप सरनाईक ने कहा कि एक महीने के बाद भी भाषा संबंधी शर्त पूरी नहीं करने पर चालक का लाइसेंस और बैज निलंबित कर दिया जाएगा। इसके बाद चालकों को मराठी सीखने के लिए तीन महीने और दिए जाएंगे। इसके बाद भी शर्त पूरी नहीं करने पर उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
सरनाईक ने कहा, "अगर कोई आरटीओ अधिकारी एक महीने की नोटिस अवधि खत्म होने से पहले चालकों पर गलत तरीके से जुर्माना लगाता पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।" हालांकि, मंत्री ने कहा कि जानबूझकर मराठी सीखने से इनकार करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कितने ड्राइवरों को नहीं आती है मराठी भाषा?
सरनाईक का यह बयान शिवसेना नेता और पार्टी के उत्तर भारतीय चेहरे संजय निरुपम से मुलाकात के बाद आया है। निरुपम ने उनसे मुलाकात कर चालकों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई रोकने की अपील की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चालकों को एक महीने का नोटिस दिए बिना 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा रहा है।
20 अगस्त को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) ने मराठी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने पर 1,268 वाणिज्यिक यात्री वाहन चालकों को नोटिस जारी किए थे। इनमें मुख्य रूप से ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालक शामिल थे। इसके एक दिन बाद महाराष्ट्र भर में मराठी नहीं बोलने वाले 1,499 चालकों को नोटिस जारी किए गए। सरनाईक ने कहा कि अब तक 1,65,600 गैर-मराठी ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालक मराठी की कक्षाओं में शामिल हो चुके हैं।