अधिकारी ने बताया कि पुलिस व आपदा प्रबंधन की टीमों ने एक लड़के (17 वर्षीय) सहित चार लोगों का पतला लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया। हालांकि, कम रोशनी और खराब मौसम के कारण तलाशी अभियान रविवार रात रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि मुंबई के मार्वे में 13 और 16 साल के पांच में से दो लड़कों को कुछ लोगों ने टीबीई दमकल विभाग के पहुंचने से पहले बचा लिया। उन्होंने बताया कि तीन अन्य लोग लापता हैं जिनमें से दो की उम्र 12 साल और एक की उम्र 13 साल है।
अधिकारी ने बताया कि मुंबई दमकल विभाग, पुलिस, तटरक्षक बल, नौसेना के गोताखोर, वार्ड कर्मी और एक एंबुलेंस मौके पर पहुंची। तलाशी अभियान में एक हेलीकॉप्टर भी शामिल था, जिसे शाम को बंद कर दिया गया।
फ्लाइंग रानी को दिखाई गई हरी झंडी
भारतीय रेल के इतिहास में डबल डेकर कोच वाली पहली ट्रेन बनने के 43 साल से ज्यादा समय बाद एक नए लुक में फ्लाइंग रानी को रविवार को मुंबई से सूरत के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। केंद्रीय रेल और कपड़ा राज्य मंत्री दर्शना जरदोश ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और इसने मुंबई सेंट्रल स्टेशन से सूरत तक 200 किलोमीटर से अधिक दूरी तक यात्रा की।
एक अधिकारी ने बताया कि ट्रेन में अब डबल डेकर कोच नहीं हैं। इसमें लिंके हॉफमैन बुश्न्यू (एलएचबी) कोच हैं जो अपने पहले की तुलना में तेज और अधिक आरामदायक हैं। नई फ्लाइंग रानी में जनरल कोच के अलावा वातानुकूलित चेयर कार, द्वितीय श्रेणी के बैठने वाले कोच, केवल महिलाओं के लिए कोच और महिलाओं के सीजन टिकट धारक कोच शामिल हैं।
सूरत निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सदस्य जरदोश ने ट्वीट कर कहा, 'यहां नई और उन्नत फ्लाइंग रानी के लिए एक और युग की शुरुआत हुई है। नए भारत की नई रेल का नवीनतम संस्करण। नए एलएचबी डिब्बों के साथ सूरत की अपनी पहली यात्रा शुरू करने के साथ ही मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से फ्लाइंग रानी ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।'
मस्जिद में नमाज पर लगाया प्रतिबंध, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
महाराष्ट्र के शहर जलगांव में स्थित एक प्राचीन मस्जिद में कलेक्टर की ओर से नमाज अदा करने पर प्रतिबंध का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। जुम्मा मस्जिद ट्रस्ट कमेटी ने जलगांव जिला कलेक्टर अमन मित्तल के 11 जुलाई को जारी किए गए प्रतिबंध आदेश को रद्द करने की याचिका दायर की है।
दरअसल, एक हिंदू संगठन पांडववाड़ा संघर्ष समिति ने दावा किया है कि मुंबई से 350 किमी दूर एरंडोल में स्थित यह संरचना एक मंदिर जैसी है। संगठन ने स्थानीय मुस्लिम समुदाय पर इसका अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है। वहीं, मस्जिद की देखभाल करने वाली जुम्मा मस्जिद ट्रस्ट समिति का कहना है कि यह उनके पास कम से कम 1861 से है। इसका अस्तित्व दिखाने का रिकॉर्ड भी है।
जुम्मा मस्जिद ट्रस्ट कमेटी की ओर से अधिवक्ता एसएस काजी ने कहा कि अदालत ने निर्देश दिया कि याचिका की एक प्रति मंदिर का दावा करने वाली समिति को भी दी जाए। इस संबंध में अगली सुनवाई की तारीख 18 जुलाई को तय की गई है।