महाराष्ट्र के सतारा में हुए जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव में भाजपा की प्रिय शिंदे ने जीत हासिल की। शिवसेना-एनसीपी के पास संख्या बल होने के बावजूद भाजपा ने गठबंधन के सदस्यों को अपने पक्ष में खींचकर संकरी जीत पाई। शिवसेना-एनसीपी ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया और भविष्य के चुनावों में चेतावनी दी।
महाराष्ट्र के सतारा जिले में हाल ही में हुए जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव ने महायुति सरकार की राजनीति में नया हलचल पैदा कर दी है। शुक्रवार को हुए इस चुनाव में भाजपा की प्रिय शिंदे ने अध्यक्ष का पद जीत लिया, जबकि शिवसेना-एनसीपी गठबंधन के पास संख्या बल ज्यादा था। इस नाजुक चुनाव में भाजपा ने गठबंधन के कुछ सदस्यों को अपने पक्ष में खींचकर जीत हासिल की, जिससे सत्ता गठबंधन में मतभेद दिखाई देने लगी है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के मंत्री शंभूराज देसाई ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया और भविष्य के बड़े चुनावों में इसका गंभीर असर होने की चेतावनी दी।
देसाई ने कहा कि यह चुनाव लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है। सतारा जिले में इसके परिणाम गंभीर होंगे। मैं महायुति सरकार में मंत्री होने के बावजूद अपनी पार्टी के लिए काम करने का हक रखता हूं। भाजपा अपनी जीत का शोर मचा सकती है, लेकिन नैतिक जीत शिवसेना-एनसीपी की है।