मुंबई-गोवा हाईवे पर महाड़ में सावित्री नदी पर बने ब्रिटिश कालीन पुल के टूटने की न्यायिक जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में यह घोषणा की।
फडणवीस ने यह भी कहा कि महाड-पोलादपुर को जोड़ने वाले इस टूटे हुए पुल की जगह पर रिकार्ड ब्रेक समय में नया पुल बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई-गोवा हाईवे पर रायगढ़ जिले के महाड में पुल दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा।
विधानसभा में विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा का उत्तर देते उन्होंने कहा कि आईआईटी मुंबई के तीन सदस्यों की टीम घटनास्थल पर रवाना की गई है।
इस टीम में प्रो. ज्योति प्रकाश, प्रो.जांगिड़ और प्रो.वी एस वासुदेवन शामिल हैं। फडणवीस ने कहा कि पुल के स्ट्रक्चरल ऑडिट की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों को सौंपी गई थी, उनके खिलाफ जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही 15 दिनों में राज्य के सभी 100 साल पुराने ब्रिटिश कालीन पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा।
उतराने लगी लाशें, अब तक 8 शव बरामद
महाड पुल
- फोटो : ANI
पुल टूटने की दुर्घटना के बाद लाशें अब नदी और समुद्री किनारों पर उतराने लगी हैं। तलाशी अभियान के दौरान चार पुरुष और चार महिलाओं समेत 8 शव बरामद किए गए हैं जिसमें एक एसटी बस चालक एसएस कांब्ले का शव भी शामिल है।
कांबले का शव महाड से 150 किलोमीटर दूर रत्नागिरी में आंजर्ला समुद्र के किनारे मिला है। इसके अलावा कई शव हरिहरेश्वर के समुद्री किनारे पर भी मिले हैं।
महाबलेश्वर से निकलने वाली सावित्री नदी हरिहरेश्वर में जाकर समुद्र में मिलती है। इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि नदी की तेज धारा में बहकर शव समुद्र के किनारे आ गए होंगे।
लेकिन बस और नदी में बहे अन्य वाहनों का पता नहीं चल पाया है। एनडीआरएफ की टीम और गोताखोर के अलावा नेवी, कोस्टगार्ड और वायुसेना के चार हेलिकाप्टरों ने दूसरे दिन भी सर्च आपरेशन चलाया।
ड्रोन और स्कूबा ड्राईवर्स से भी तलाशी अभियान चलाया गया। इस बीच नदी की तेज धारा में एनडीआरएफ की एक राफ्टिंग बोट ही पलट गई, लेकिन सभी जवानों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
रत्नागिरी से 38 लोग लापता
पुल टूटा
300 किलोग्राम चुंबक से बस की तलाश इस बीच बस और बाकी वाहनों की तलाश में एनडीआरएफ ने बड़ा लोह चुम्बक पानी के नीचे डाल कर पता करने की कोशिश की थी कि अगर बस या कार पानी में नीचे पड़ी होंगी तो उनका पता लग जाएगा।
एनडीआरएफ के कमांडेन्ट अनुपम श्रीवास्तव के मुताबिक, लोह चुम्बक पुल के पास जमीन में किसी वस्तु से चिपका है या फिर मिट्टी या पत्थरों में फंस गया है। इसलिए दो बड़ी हाई पावर क्रेन मंगाई गई। उसके बाद ही सच्चाई का पता लगा रही हैं।
महाड में पुल टूटने से दो बस और कई कार के नदी में बह जाने की घटना के बाद रत्नागिरी के 38 लोग लापता हैं। यह जानकारी रत्नागिरी जिला प्रशासन को प्राप्त हुई है। अब तक यह कहा जा रहा था कि दो बस के ड्राईवर और कंडक्टर सहित 18 यात्री नदी में बह गए हैं।