शिवसेना (उद्धव ठाकरे) गुट के सांसद अरविंद सावंत ने मुंबई भाजपा नेता आशीष शेलार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि जनता आशीष सेलर के राजनीति से संन्यास लेने का इंतजार कर रही है। आशीष शेलर ने महाविकास अघाड़ी के 18 लोकसभा सीट जीतने पर राजनीति से संन्यास लेने की बात कही थी।
बुधवार को शिवसेना (उद्धव ठाकरे) गुट के सांसद अरविंद सावंत ने मुंबई भाजपा प्रमुख आशीष शेलार को निशाना बनाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के लोगों में अहंकार भर गया है। बता दें कि मुंबई में भाजपा प्रमुख आशीष शेलार ने महाविकास अघाड़ी की 18 लोकसभा सीटों की जीत पर राजनीतिक संन्यास लेने का दावा किया था।
लेकिन कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) से मिलकर बने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने मंगलवार को महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 30 सीटें जीतीं। जबकि सत्तारूढ़ महायुति, जिसमें भाजपा, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता वाली शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल हैं, ने 17 सीटें जीतीं, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती। हालांकि मुंबई की छह लोकसभा सीटों में से भाजपा ने तीन सीटों पर चुनाव लड़ा और दो पर हार गई। भाजपा के लिए एकमात्र सम्मान बचाने वाली बात मुंबई उत्तर सीट पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की जीत थी।
चुनावों से पहले शेलार ने कहा था कि अगर महाराष्ट्र में महायुति 45 सीटों को पार कर जाती है, तो उद्धव ठाकरे को राजनीति छोड़ देनी चाहिए। और अगर महा विकास अघाड़ी (एमवीए) 18 सीटें जीतती है, तो वह राजनीति छोड़ देंगे। इस पर बुधवार को अरविंद सावंत ने शेलार पर तंज कसते हुए कहा कि लोग आपके राजनीति से संन्यास लेने का इंतजार कर रहे हैं।"
वहीं दूसरी तरफ शिवसेना प्रवक्ता संजय शिरसाट ने बृहस्पतिवार को अपनी हार के कारण बताए। उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे को लेकर महाराष्ट्र में हुए सर्वे के आधार पर किए बदलावों और अति आत्मविश्वास के चलते पार्टी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति ने राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से 17 पर जीत हासिल की। गठबंधन के हिस्से के रूप में, शिवसेना ने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन सिर्फ 7 सीट पर जीत हासिल की। वहीं भाजपा ने 28 सीटों पर चुनाव लड़ा और मात्र 9 सीटों पर जीत हासिल की। राकांपा ने 4 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और 1 सीट जीत पाए। जबकि उनके सहयोगी आरएसपी ने 1 सीट पर चुनाव लड़ा और हार गई।
वहीं विपक्षी महा विकास अघाड़ी ने 30 सीटें जीतीं। शिरसाट ने कहा कि वे जनता के फैसले स्वीकार करते हैं। हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम खुद पर ध्यान दें, सुधार करें, न कि दूसरों की आलोचना। उन्होंने स्वीकार किया कि हमारी सीट-बंटवारे का असली केंद्र सर्वे थे। इन सर्वे के नाम पर हुए बदलाव ने हमें नुकसान पहुंचाया। कोई एक सर्वेक्षण लाता है, कोई दूसरा लेकर आता है। एक सर्वे कुछ कहता है दूसरा सर्वे कुछ कहता है। इन सर्वे के कारण ही हम अति आत्मविश्वास से भरे थे। हालांकि हमें इसके कारण नुकसान उठाना पड़ा। शिरसाट ने कहा कि जो गलतियां हुई हैं, उन्हें सुधारा जाएगा और महायुति के सभी दल यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी गलतियां न हों।