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Maharashtra:अंधेरी दुनिया की उम्मीद को अपनों ने कुएं में धकेला; महाराष्ट्र में दृष्टिहीन मासूम की मौत, मां बची

सार

ये घटना यावल तहसील के किनगांव गांव में सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे हुई। पुलिस के अनुसार, 27 वर्षीय सरस्वती पाटिल अपने 34 वर्षीय पति स्वप्निल पाटिल के साथ खेत में स्थित कुएं की पूजा करने गई थी। सरस्वती और स्वप्निल दोनों दृष्टिबाधित हैं और उनका साढ़े तीन साल का बेटा कृष्णा भी जन्म से ही देख नहीं सकता था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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जिन आंखों ने कभी दुनिया का उजाला नहीं देखा, उनकी जिंदगी की बची-खुची उम्मीद को भी अपनों ने बेरहमी से खत्म करने की कोशिश की। महाराष्ट्र के जलगांव जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पति और सास पर अपनी दृष्टिबाधित बहू और उसके साढ़े तीन साल के दृष्टिबाधित बेटे को कुएं में धक्का देने का आरोप है। इस घटना में मासूम बच्चे की डूबने से मौत हो गई, जबकि उसकी मां ने साहस और सूझबूझ से अपनी जान बचा ली।
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पुलिस के अनुसार, 27 वर्षीय सरस्वती पाटिल अपने 34 वर्षीय पति स्वप्निल पाटिल के साथ खेत में स्थित कुएं की पूजा करने गई थी। सरस्वती और स्वप्निल दोनों दृष्टिबाधित हैं और उनका साढ़े तीन साल का बेटा कृष्णा भी जन्म से ही देख नहीं सकता था। आरोप है कि कुएं के पास पहुंचने के बाद सास आशाबाई पाटिल ने पीछे से सरस्वती और उसके बेटे को धक्का दे दिया। दोनों गहरे कुएं में जा गिरे। सरस्वती ने कुएं में तैर रही लकड़ी का सहारा लेकर किसी तरह खुद को बचा लिया और मदद के लिए आवाज लगाती रही, लेकिन तब तक उसका बेटा पानी में डूब चुका था। बाद में ग्रामीणों ने सरस्वती को बाहर निकाला, लेकिन कृष्णा को नहीं बचाया जा सका।

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शुरुआत में इस घटना को हादसा मानकर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। सदमे में होने के कारण अस्पताल में भर्ती सरस्वती उस समय कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी। बच्चे के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने उससे दोबारा पूछताछ की। तब उसने आरोप लगाया कि उसकी सास ने उसे और उसके बेटे को जानबूझकर कुएं में धक्का दिया था और इस पूरी साजिश में उसका पति भी शामिल था।
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जांच में यह भी सामने आया कि सरस्वती आंशिक रूप से दृष्टिबाधित है, जबकि उसका पति पूरी तरह से दृष्टिहीन है। पुलिस के मुताबिक, जब सरस्वती गर्भवती थी, तब चिकित्सकों ने बताया था कि होने वाला बच्चा भी दृष्टिबाधित हो सकता है। इसके बाद पति उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाने लगा, लेकिन सरस्वती ने बच्चे को जन्म देने का फैसला किया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस का मानना है कि इसी पारिवारिक विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने पति स्वप्निल पाटिल और सास आशाबाई पाटिल के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर दोनों को हिरासत में ले लिया है।
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