सार
महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में करारी हार के बाद कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने चुनाव आयोग पर सत्ताधारी महायुति को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। विपक्षी दलों ने महायुति की बढ़त को पैसे और बाहुबल का परिणाम बताया, हालांकि उन्होंने कहा कि इसका असर आगामी नगर निगम चुनावों पर नहीं पड़ेगा।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल
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महाराष्ट्र की 286 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणामों में सत्ताधारी महायुति गठबंधन अपनी बढ़त बनाए हुए है। हालांकि, विपक्षी खेमे ने इन नतीजों को लेकर चुनाव आयोग पर सत्ताधारी महायुति की बढ़त में मदद करने का आरोप लगाया। दो चरणों में हुए इन चुनावों की मतगणना की गिनती रविवार सुबह शुरू हुई, जिसमें अध्यक्ष और सदस्यों के पदों के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिला। गौरतलब है कि इन चुनावों में महायुति और महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के सहयोगियों के बीच कहीं गठबंधन तो कहीं 'दोस्ताना मुकाबले' की स्थिति बनी रही।
मामले में जैसे ही भाजपा और शिवसेना ने पूरे महाराष्ट्र में जीत का दावा किया वैसे ही कांग्रेस ने राज्य चुनाव आयोग को निशाना बनाया। चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अपनी पार्टी के विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी। साथ ही चुनाव आयोग पर तीखा तंज कसते हुए उन्होंने आयोग को सत्ताधारी गठबंधन की मदद करने के लिए बधाई दी।
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वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने महायुति की सफलता का श्रेय पैसे और बाहुबल को दिया। छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए दानवे ने कहा कि सत्ताधारी दलों ने संसाधनों का भारी इस्तेमाल किया है, जिसके कारण एमवीए की तुलना में महायुति ने अधिक सीटें हासिल की हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इन परिणामों का असर अगले महीने होने वाले 29 नगर निगमों के चुनावों पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि शहरी मतदाता अलग मुद्दों पर मतदान करते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'मैं याद दिलाना चाहूंगा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में कुछ जगहों पर कांग्रेस के साथ हाथ मिलाया था।' हालांकि, इन नतीजों ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जहां सत्ता पक्ष इसे अपनी नीतियों की जीत बता रहा है, वहीं विपक्ष इस पर कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।
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