महाराष्ट्र में महीने भर से चल रहा सियासी ड्रामा मंगलवार को रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट के बुधवार को बहुमत साबित करने के आदेश के मात्र पांच घंटे बाद ही सीएम देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को इस्तीफा सौंप दिया।
कभी सोचा नहीं था सीएम बनूंगा। संघर्ष के समय बाला साहब की बहुत याद आती है। आप लोगों ने मुझे नेता चुना। हम परिवार की तरह काम करेंगे। आम आदमी को लगना चाहिए, उनकी सरकार है। फडणवीस की प्रेस कांफ्रेंस के बाद लगा कि अब रिश्ता नहीं रहना चाहिए। सरकार बनने के बाद बड़े भाई (पीएम मोदी) से मिलने दिल्ली जाऊंगा। शिवसेना ने हिंदुत्व की विचारधारा से समझौता नहीं किया। मेरे हिंदुत्व में झूठापन नहीं है। कुछ लोग कह रहे हैं कि हमने शिवसेना के आदर्शों का उल्लंघन किया, लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि उनको पालकी में बिठाने के लिए शिवसेना की स्थापना नहीं हुई थी।
- उद्धव ठाकरे, शिवसेना प्रमुख, गठबंधन का नेता बनने के बाद
फडणवीस ने कहा, एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना की तीन पहियों की सरकार ज्यादा दिन नहीं टिकेगी, क्योंकि इनकी दिशा और विचारधारा अलग- अलग हैं। शिवसेना सत्ता के लिए लाचार हो गई है। इसलिए कल (सोमवार को) सोनिया गांधी के नाम की शपथ ली। जो लोग मातोश्री से बाहर नहीं निकलते थे, वे दूसरों की सीढ़ियां चढ़ने लगे हैं। जनता ने भाजपा-शिवसेना को जनादेश दिया था। भाजपा को सबसे ज्यादा 105 सीटें मिलीं। नतीजों के बाद शिवसेना ने मोलभाव किया, ढाई साल सीएम की बात नहीं हुई थी। हम शिवसेना का इंतजार किया, लेकिन उसने एनसीपी-कांग्रेस से चर्चा की।
जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने फ्लोर टेस्ट का आदेश देते हुए कहा, विधानसभा चुनाव के नतीजे आए एक महीना बीत गया, लेकिन अनिश्चितता बनी है। स्थिर सरकार सुनिश्चित करने के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना जरूरी है। सदन में तत्काल बहुमत परीक्षण ही सबसे प्रभावशाली तरीका है। कोर्ट ने राज्यपाल को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त कर विधायकों को शपथ दिलाने और शाम पांच बजे तक बहुमत परीक्षण कराने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि बहुमत परीक्षण गुप्त मतदान से नहीं होगा और सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण होगा।
भाजपा विधायक कालीदास कोलंबकर को महाराष्ट्र विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है। मंगलवार शाम कोलंबकर ने राजभवन जाकर पद और गोपनीयता की शपथ ली। उन्होंने कहा, 27 नवंबर को विधानसभा का सत्र बुलाया गया है। उसी दिन विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी।
झूठ और दलबदल पर आधारित सरकार ताश के पत्तों की तरह गिर गई। पीएम मोदी और गृहमंत्री बताएं कि राज्यपाल को कठपुतली की तरह क्यों इस्तेमाल किया? अल्पमत सरकार बनाकर इतने दिन बहुमत का ड्रामा क्यों किया और भ्रष्टाचार के मुकदमे क्यों वापस लिए गए?
- रणदीप सुरजेवाला, प्रवक्ता, कांग्रेस
यह जनता की जीत है। महाराष्ट्र के लोगों ने भाजपा नेताओं के अहंकार को खारिज कर दिया है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार स्पष्ट कर चुके हैं कि उद्धव ठाकरे अगले मुख्यमंत्री होंगे। हमारे गठबंधन की सरकार पांच साल ही नहीं, बल्कि अगले 20 से 25 साल चलेगी। - नवाब मलिक, प्रवक्ता, एनसीपी