महाराष्ट्र के काशिगांव में पुलिस ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर रेकी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, भागने के दौरान उनकी कार ने एक युवक को टक्कर मार दी। आरोपियों के पास से हथियार, वॉक-टॉकी और कार बरामद हुई है।
दिल्ली नंबर की चमचमाती होंडा कार, हाथ में वॉक-टॉकी और चाल-ढाल ऐसी कि देखने वाला धोखा खा जाए। इलाके में जब भी कोई पूछता, तो वे पूरे रौब से खुद को 'सीबीआई अफसर' बताते और कहते कि किसी बेहद गोपनीय मिशन पर निकले हैं। लेकिन रौब के इस नकाब के पीछे छिपे थे खूंखार डकैत, जो महाराष्ट्र के काशिगांव इलाके में एक बड़ी डकैती की बिसात बिछा रहे थे। 13 सितंबर को जब काशिगांव और माणिकपुर पुलिस की संयुक्त टीम को मुखबिर से इनकी सटीक भनक मिली, तो पुलिस ने तुंरत घेराबंदी शुरू कर दी। खाकी को सामने देखते ही फर्जी अफसरों का सारा रौब काफूर हो गया।
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पकड़े जाने की घबराहट में बदमाशों ने अपनी गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और बदहवास भागने लगे। इसी आपाधापी में काशिगांव के ग्रीन विलेज स्थित आनंद दिघे चौक के पास उन्होंने सड़क किनारे पैदल जा रहे बेकसूर युवक आयुषकुमार सुशील यादव को जोरदार टक्कर मार दी। लहूलुहान युवक को तड़पता छोड़कर भाग रहे बदमाशों की कार आगे जाकर फंस गई, जिसके बाद वे गाड़ी छोड़कर पैदल ही गलियों में छिपने लगे। हालांकि, पीछा कर रही पुलिस ने तीन बदमाशों को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि दो अन्य को कुछ ही देर में नाकाबंदी कर गिरफ्त में ले लिया।
पुलिस ने जब इन कथित 'सीबीआई अधिकारियों' की कुंडली खंगाली, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। पकड़े गए पांचों आरोपी- शाहनवाज कुरैशी, नौशाद कुरैशी, पप्पू कुरैशी, इमरान कुरैशी और इरफान कुरैशी मूल रूप से यूपी के बुलंदशहर के रहने वाले अंतर्राज्यीय डकैत निकले। गिरोह के सरगना शाहनवाज पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र में हत्या, लूट और उगाही के 33 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे दिन में वारदात वाली जगहों की रेकी करते थे और अगर कोई उन्हें रोकता या टोकता, तो खुद को सीबीआई, सीआईडी या ईडी का बड़ा अफसर बताकर झांसा दे देते थे। पुलिस ने इनके पास से 2 देशी पिस्टल, 4 धारदार चाकू, लोहे की छड़ें, 2 वॉक-टॉकी, दस्ताने और होंडा कार बरामद की है। अदालत ने पांचों डकैतों को पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।