एक सामुदायिक भवन विवाद को सुलझाने के लिए कथित तौर पर 2.30 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए मुंबई के दो पुलिस अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चंद्रकांत सरोदे और सहायक पुलिस निरीक्षक राहुल वाघमोड़े को बर्खास्त करने का आदेश महाराष्ट्र पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला ने 30 अक्तूबर को संविधान के अनुच्छेद 311 (2) के तहत जारी किया था।
बर्खास्त पुलिस अधिकारी अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ बॉम्बे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 26 सितंबर को वडाला ट्रक टर्मिनल पुलिस स्टेशन में शिकायतकर्ता से कथित तौर पर रिश्वत लेने के आरोप में सरोदे और वाघमोड़े को गिरफ्तार किया था।
पुणे: पकड़ा गया नाबालिग की जान लेने वाला तेंदुआ
पुणे जिले के शिरूर तहसील में घूम रहे एक तेंदुए को मंगलवार को पकड़ लिया गया। यह वही इलाका है जहां दो दिन पहले 13 साल के एक लड़के की जान तेंदुए के हमले में चली गई थी। वन विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि जो तेंदुआ पकड़ा गया है, उसी ने उस लड़के और हाल के दिनों में दो अन्य लोगों पर हमला किया था या नहीं। महाराष्ट्र के वन मंत्री गणेश नाईक ने बताया कि पकड़े गए तेंदुए को गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा पुनर्वास केंद्र भेजा जा सकता है।
वन विभाग ने उस तेंदुए को देखते ही मार देने का आदेश जारी किया था, जिस पर शंका थी कि उसने पिछले कुछ हफ्तों में शिरूर तहसील में तीन लोगों की जान ली है, जिनमें 13 वर्षीय रोहन भी शामिल था। जुन्नर वन प्रभाग की सहायक वन संरक्षक स्मिता राजहंस ने बताया, हमने करीब पांच-छह साल के नर तेंदुए को पिम्परखेड इलाके से पकड़ा है। यह तेंदुआ हमारे लगाए गए पिंजरे में खुद ही फंस गया।
रविवार को रोहन की मौत इस तेंदुए के हमले में हुई, जो एक महीने में इंसान पर तीसरा हमला था। माना जा रहा है कि यह सभी हमले एक ही तेंदुए ने किए थे। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और वन विभाग के एक गश्ती वाहन को आग के हवाले कर दिया।
जुन्नर, आंबेगांव और शिरूर जैसे तेंदुआ प्रभावित इलाकों के लोगों ने सोमवार को पुणे-नासिक राजमार्ग पर अवसारी के पास 'रास्ता रोको' आंदोलन किया। उनका कहना था कि तेंदुए के लगातार हमलों से उनकी जान को खतरा है।
अबू जुंदाल की याचिका खारिज, 26/11 मुंबई हमले में दोबारा शुरू होगा ट्रायल
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जुंदाल की याचिका खारिज कर दी है, जिसमें उसने अपनी गिरफ्तारी से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों की मांग की थी। सोमवार को सुनाए अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि दस्तावेजों की मांग केवल फिशिंग एंड रोविंग इंक्वायरी (बिना आधार की जांच) जैसी है।
जस्टिस आरएन लड्ढा की पीठ ने दिल्ली पुलिस, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट का 2018 का आदेश रद्द कर दिया। इस आदेश के कारण बीते छह वर्षों से ट्रायल रुका हुआ था, जिसके अब दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया। जुंदाल ने अपनी गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेज जैसे पासपोर्ट, फ्लाइट मैनिफेस्ट और इमिग्रेशन रिकॉर्ड मांगे थे। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी दलील में कहा कि ये दस्तावेज ट्रायल से संबंधित नहीं हैं और सिर्फ कार्यवाही को भटकाने की कोशिश है।
पाकिस्तानी आतंकियों को प्रशिक्षण देने का आरोप
36 पन्नों के अपने आदेश में हाईकोर्ट ने कहा, जब आरोपी कानूनी हिरासत में है, तब गिरफ्तारी की जगह का कोई महत्व नहीं रहता। आरोपी जुंदाल की मांग देरी से की गई और न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने वाली है। अबू जुंदाल पर आरोप है कि उसने 26/11 हमले के पाकिस्तानी आतंकियों को हिंदी और मुंबई की भौगोलिक जानकारी का प्रशिक्षण दिया था। इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी।
पुणे में व्यस्त सड़क पर युवक की चाकू घोंपकर हत्या
पुणे की व्यस्त सड़क पर आज दोपहर अज्ञात लोगों ने एक व्यक्ति को चाकू मारकर हत्या कर दी। यह हमला महाराणा प्रताप गार्डन के पास बाजीराव रोड पर दोपहर सवा तीन बजे हुआ। मृतक की पहचान मयंक खरेरे के रूप में हुई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस उपायुक्त करुषिकेश रावले ने कहा, एक दोपहरिया वाहन पर दो से तीन लोग आए और उन्होंने व्यक्ति पर हमला कर उसे मार दिया। यह हमला पहले से चली दुश्मनी का नतीजा हो सकता है। अभी तक किसी गिरोह की भागीदारी सामने नहीं आई है, लेकिन हम सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की मौत हो गई है और आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें बनाई गई हैं।