महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार द्वारा विरोधियों को फंसाने की साजिश का आरोप रंग ला रहा है। बुधवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस द्वारा सौंपे गए वीडियो की निश्चित रूप से जांच कराएगी।
फडणवीस ने आरोप लगाया है कि सत्तरूढ़ गठबंधन अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ साजिश रच रहा है। मुंबई में पत्रकारों से चर्चा में पवार ने कहा कि इस कथित साजिश के मामले में उनका नाम सीधे या परोक्ष रूप से लिया जा रहा है, लेकिन वह इसमें किसी तरह से संबद्ध नहीं हैं।
पूर्व सीएम फडणवीस ने मंगलवार को डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल को वीडियो रिकॉर्डिंग वाला एक पेन ड्राइव सौंपा था। इसमें कहा गया है कि फुटेज से पता चलता है कि कैसे पुलिस और सत्तारूढ़ गठ बंधन के दलों के सदस्यों ने खुद को और गिरीश महाजन सहित भाजपा नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची थी।
इस सवाल पर हंसे पवार
जब पवार से कहा गया कि कहा जा रहा है कि वह फडणवीस व भाजपा नेता गिरीश महाजन को राजनीतिक रूप से खत्म करना चाहते हैं, तो वह हंस पड़े। पवार ने कहा कि ऐसा लगता है कि फडणवीस द्वारा सौंपी गई सामग्री में कुछ हास्यास्पद बातें भी हैं। कोई किसी को इस तरह से खत्म नहीं कर सकता।
एमवीए की घटक राकांपा के प्रमुख ने कहा कि यदि यह सही है कि फडणवीस द्वारा सौंपा गया वीडियो 125 घंटे का है तो इसका मतलब है कि इसमें किसी शक्तिशाली एजेंसी के लिप्त होने से इनकार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि केंद्र सरकार की एजेंसी ही ऐसी रेकॉर्डिंग कर सकती है।
पवार ने तंज करते हुए कहा कि यह प्रशंसनीय है कि फडणवीस या उनका कोई भी साथी लगभग 125 घंटे के वीडियो फुटेज तैयार करने में सफल रहा। पहले यह साबित करना होगा कि यह (रिकॉर्डिंग) प्रामाणिक है या नहीं। राज्य सरकार निश्चित रूप से जांच करेगी कि सत्यता की पुष्टि करने की आवश्यकता है। मेरा नाम भी प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से घसीटा गया लगता है। मैं इस मामले में शामिल नहीं हूं।
राकांपा प्रमुख ने कहा कि एमवीए गठबंधन सरकार, जिसमें राकांपा, शिवसेना व कांग्रेस शामिल है, अपने विरोधियों को निशाना बनाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग नहीं कर रही है।