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Maharashtra: बयान पर बवाल के बाद राज्यपाल कोश्यारी ने दी सफाई, बोले- मराठियों के अपमान का कोई इरादा नहीं था

Sat, 30 Jul 2022 04:58 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शुक्रवार को बयान देते हुए कहा था कि अगर महाराष्ट्र से गुजरातियों और राजस्थानियों को हटा दिया जाता है, तो महाराष्ट्र के पास कोई पैसा नहीं बचेगा और मुंबई को भारत की आर्थिक राजधानी नहीं कहा जाएगा।
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भगत सिंह कोश्यारी - फोटो : PTI
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विस्तार
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बीते शुक्रवार को अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में आए महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने आज सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मेरा इरादा मराठियों के अपमान का बिल्कुल भी नहीं था मैं तो बस गुजरातियों और राजस्थानियों के योगदान की प्रशंसा कर रहा था।  दरअसल, राज्यपाल ने शुक्रवार को मुंबई के अंधेरी में  एक कार्यक्रम में बोलते हुए मारवाड़ी गुजराती समुदाय की प्रशंसा की और कहा कि वे जहां भी जाते हैं, अस्पताल, स्कूल आदि बनाकर जगह के विकास में योगदान करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर महाराष्ट्र से गुजरातियों और राजस्थानियों को हटा दिया जाता है, तो महाराष्ट्र के पास कोई पैसा नहीं बचेगा और मुंबई को भारत की आर्थिक राजधानी नहीं कहा जाएगा। इस बयान ने महाराष्ट्र में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। शिवसेना, कांग्रेस और मनसे के नेताओं ने  इस बयान को मराठी गौरव को 'आहत' करने वाला बताया। शिवसेना सांसद संजय राउत ने तो इस्तीफे तक की मांग कर दी।

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पढ़ें राज्यपाल ने क्या दी सफाई
राज्यपाल कोश्यारी ने सफाई देते हुए कहा कि मुंबई महाराष्ट्र की शान है। यह देश की आर्थिक राजधानी भी है। मुझे गर्व है कि मुझे एक राज्यपाल के रूप में छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि और मराठी लोगों की सेवा करने का अवसर मिला। इस वजह से मैंने बहुत कम समय में मराठी भाषा सीखने की कोशिश की। कल राजस्थानी समाज के कार्यक्रम में मैंने जो बयान दिया, उसमें मेरा मराठी आदमी को कम करके आंकने का कोई इरादा नहीं था। मैंने केवल गुजराती और राजस्थानी मंडलों द्वारा व्यापार में किए गए योगदान पर बात की।
 

इनका नाम 'कोश्यारी' लेकिन थोड़ी भी 'होशियारी' नहीं: कांग्रेस
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी महाराष्ट्र के राज्यपाल पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि इनका नाम 'कोश्यारी' है। लेकिन एक गवर्नर के तौर पर जो बोलते हैं और करते हैं उसमें थोड़ी भी 'होशियारी' नहीं होती। ये कुर्सी पर सिर्फ इसलिए बैठे हैं क्योंकि 'हम दो' के आदेश का निष्ठा पूर्वक पालन करते हैं।

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संजय राउत ने मांगा राज्यपाल से इस्तीफा
वहीं राज्यपाल कोश्यारी के भाषण को ट्विटर पर शेयर करते हुए संजय राउत ने कहा कि ''राज्यपाल का मतलब है कि महाराष्ट्र और मराठी लोग भिखारी हैं।  मुख्यमंत्री शिंदे, क्या आप सुन रहे हैं? । अगर आपका स्वाभिमान है, तो राज्यपाल का इस्तीफा मांगें।"


राज्यपाल तुरंत माफी मांगें: प्रियंका चतुर्वेदी
वहीं शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह महाराष्ट्र और मराठी मानुष के लोगों की कड़ी मेहनत का अपमान है, जिन्होंने राज्य को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की है। राज्यपाल को तुरंत माफी मांगनी चाहिए, ऐसा नहीं करने पर हम उन्हें बदलने की मांग करेंगे।
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शिंदे ने झाड़ा पल्ला
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के बयान पर महाराष्ट्र के CM एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्यपाल के अपने विचार हैं, लेकिन हम उनके बयानों का समर्थन नहीं करेंगे। राज्यपाल का पद एक संवैधानिक पद है। उन्हें संविधान की नैतिकता के तहत बोलना चाहिए। हम मुंबई और मराठी लोगों के योगदान को कभी नहीं भूलेंगे। 

सुप्रिया सुले ने भी किया हमला
इसके अलावा राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि सभी के साथ समान व्यवहार करना राज्यपाल की जिम्मेदारी है। राज्यपाल लोगों के बीच कटुता और विभाजन पैदा कर रहे हैं। उसने लोगों को चोट पहुंचाई है और एक नियमित अपराधी है। मैं राष्ट्रपति से राज्यपाल को हटाने का अनुरोध करती हूं। उन्होंने राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस या एकनाथ शिंदे हर 10 दिन में दिल्ली जाते हैं। जब अगली बार उनमें से कोई एक दिल्ली आए, तो उन्हें राज्यपाल को उनके मूल राज्य वापस भेजने के लिए कहना चाहिए।

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