महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया कि उसने मुंबई के जुहू इलाके में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बंगले के कुछ हिस्से को गिराने संबंधी आदेश को वापस ले लिया है। तटीय क्षेत्र प्रबंधन समिति के एक उप-मंडल अधिकारी ने यह आदेश जारी किया था। राज्य सरकार ने जस्टिस अमजद सईद और जस्टिस अभय आहूजा की पीठ को बताया कि उसने 21 मार्च का आदेश वापस ले लिया है और अधिकारी कोई कार्रवाई करने से पहले राणे के बंगले में कथित अनियमितताओं को नियमित करने के आवेदन पर विचार करेंगे।
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पीठ ने राज्य की दलील स्वीकार कर ली और उसे इस मुद्दे पर कानून के अनुसार कोई भी नई जरूरी कार्रवाई करने की स्वतंत्रता दी। राणे ने इस महीने की शुरुआत में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें उन्हें जारी नोटिस (25 फरवरी, चार और 16 मार्च) को रद्द करने का अनुरोध किया था।
राज्य सरकार की ओर से मंगलवार को पेश हुए महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने पीठ से कहा कि भविष्य में आवश्यक कार्रवाई करने के अपने अधिकार को सुरक्षित रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने राणे के जुहू स्थित बंगले के हिस्सों को ध्वस्त करने संबंधी 21 मार्च के आदेश को वापस लेने का फैसला किया। पीठ ने राज्य सरकार के बयान को स्वीकार करते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया।