पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव प्रवीन दराडे ने बताया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक और थर्मोकोल की वस्तुओं पर प्रतिबंध का अध्ययन करने वाले एक पैनल ने कंपोस्टेबल सामग्री से बनी वस्तुओं को अनुमति देने का फैसला किया।
महाराष्ट्र सरकार ने चार साल पहले लगे प्लास्टिक प्रतिबंध को हटा लिया। सरकार ने एक बार इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की नीति में बदलाव कर ‘कम्पोस्टेबल’ सामग्री से बने स्ट्रॉ, कप, प्लेट, कांटे और चम्मच के उत्पादन की अनुमति दे दी है।
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पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव प्रवीन दराडे ने बताया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक और थर्मोकोल की वस्तुओं पर प्रतिबंध का अध्ययन करने वाले एक पैनल ने कंपोस्टेबल सामग्री से बनी वस्तुओं को अनुमति देने का फैसला किया। लेकिन इन उत्पादों के लिए सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीआईपीईटी) और सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि इस कदम से प्लास्टिक उत्पाद निर्माताओं को राहत मिलेगी। दराडे ने कहा कि सड़ सकने वाली सामग्री से बनी एकल उपयोग वाली वस्तुओं के उत्पादन की अनुमति देने की मांग की गई थी। 2018 में महाराष्ट्र सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगाया था।