महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
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मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली जिलेटिन की छड़ों से लदी स्कॉर्पियो मामले में हटाए गए मुंबई के पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर धन उगाही के आरोप लगाने से सियासी उथल-पुथल जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को 86 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया है। इनमें मुंबई क्राइम ब्रॉन्च के 65 अधिकारी शामिल हैं।
शहर के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि क्राइम ब्रॉन्च के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे के सहकर्मी एपीआई रियाजुद्दीन काजी को स्थानीय हथियार इकाई में भेज दिया गया है, जोकि अपेक्षाकृत कम महत्वपूर्ण विभाग है। बता दें कि उद्धव सरकार ने जिन अधिकारियों का ट्रांसफर किया है, उनमें पीआई, एपीआई और पीएसआई लेवल के अफसर शामिल हैं। तबादले के आदेश मुंबई के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस की ओर से जारी किए गए हैं। मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली संदिग्ध कार के मामले में भी एनआईए ने रियाजुद्दीन काजी से पूछताछ की थी।
क्या है मामला
मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर 25 फरवरी को जिलेटिन की छड़ों से लदी एक स्कॉर्पियो मिली थी। इस स्कॉर्पियो के मालिक कथित तौर पर कारोबारी मनसुख हिरेन थे। बाद में मनसुख का ठाणे के क्रीक में शव मिला था। इस मामले को लेकर हंगामा मचने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एंटीलिया मामले और मनसुख हिरेन की जांच एनआईए को सौंप दी थी। इस मामले में एनआईए ने मुंबई क्राइम ब्रॉन्च के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे को को गिरफ्तार किया। बाद में वाजे को हिरेन की हत्या मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया। बाद में इस मामले में पुलिसकर्मी विनायक शिंदे और सट्टेबाज नरेश गौर को भी गिरफ्तार किया।
इस मामले में राज्य सरकार ने कार्रवाई करते हुए मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को पद से हटा दिया। इसके बाद परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ की उगाही कराने का सनसनीखेज आरोप लगाया। इससे महाराष्ट्र की राजनीति में बवाल मच गया। विपक्षी पार्टियां देशमुख के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हैं। वहीं सोमवार को संसद के दोनों सदनों में इस मामले को लेकर जमकर हंगामा भी हुआ।