महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के तडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व (टीएटीआर) के बफर जोन में शनिवार को चार बाघ शावक मृत पाए गए। वन अधिकारी के मुताबिक, शावकों पर चोट के निशान पाए गए हैं। इस पता चलता है कि उन्हें बाघ ने मारा है। रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक डॉ. जितेंद्र रामगांवकर ने बताया कि तीन से चार महीने की उम्र के दो नर और दो मादा शावकों के शव आज सुबह बफर जोन में शिवनी वन रेंज में पाए गए।
उन्होंने बताया कि शव कंपार्टमेंट नंबर 265 में देखे गए थे, जहां 30 नवंबर को एक बाघिन (टी-75) मृत पाई गई थी। शिवनी के रेंज वन अधिकारी और अन्य कर्मचारियों की एक खोजी टीम दो दिसंबर से बाघ के आसपास होने की सूचना के बाद से शावकों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
24 घंटे के अंदर दो बाघ मृत पाए गए
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के ताडोबा अंधारी बाघ अभयारण्य (टीएटीआर) में अलग-अलग जगहों पर दो बाघ मृत पाए गए। गुरुवार सुबह जिला मुख्यालय से करीब 47 किलोमीटर दूर टीएटीआर के ‘बफर जोन’ में मोहरली रेंज कंपार्टमेंट 189 में बाघिन टी-60 मृत पाई गई। रामगांवकर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान, हमें एक बाघ के पंजे के निशान भी मिले।
बाघिन, जिसकी उम्र लगभग छह-सात महीने थी, लड़ाई में मर गई होगी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर भेज दिया गया है। इससे पहले एक वयस्क बाघ टी-75 का शव बुधवार की दोपहर शिवनी रेंज के ‘बफर जोन’ में सड़ी-गली अवस्था में मिला था। टी-75 की उम्र 14-15 साल थी और हो सकता है कि ज्यादा उम्र की वजह से उसकी मौत हो गई हो।