जानकारी के मुताबिक, एफआईआर में आरोपी के रूप में नामित छह अन्य लोगों ने भी मामले में गिरफ्तारी के डर से अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीएम सुंडेले से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मांगी है। इन याचिकाओं पर 30 जून को सुनवाई होगी।
गौरतलब है कि मुंबई पुलिस ने मंगलवार को शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के सहयोगी परब और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। उनपर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एक सहायक अभियंता पर हमला करने और धमकी देने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, परब और शिव सेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं के एक समूह ने पिछले दिनों उपनगरीय बांद्रा में एक पार्टी 'शाखा' (स्थानीय शाखा) के विध्वंस के विरोध में सोमवार दोपहर बीएमसी के एच-ईस्ट वार्ड कार्यालय तक मार्च निकाला। ।
परब के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बाद में बीएमसी कार्रवाई पर अपनी पीड़ा व्यक्त करने के लिए एच-ईस्ट वार्ड अधिकारी स्वप्ना क्षीरसागर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने क्षीरसागर से उन अधिकारियों को अपने सामने बुलाने को कहा जिन्होंने एफआईआर के अनुसार पार्टी कार्यालय को ध्वस्त कर दिया था।
इसमें कहा गया है कि जब कुछ नागरिक कर्मचारी आगे आए, तो शिवसेना (यूबीटी) के पदाधिकारियों ने कथित तौर पर सहायक अभियंता अजय पाटिल (42) के साथ मारपीट की और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 353 (लोक सेवक को कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल) और 506-2 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।