महाराष्ट्र के ठाणे के कल्याण में मराठी परिवार पर हमले के मामले ने तूल पकड़ लिया है और यह मामला विधान परिषद में खूब गरमाया। विपक्ष के इस मुद्दे पर नाराजगी जाहिर करने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि मराठी लोगों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मराठी परिवार पर हमला करने वाले आरोपी दंपति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को सरकारी नौकरी से निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विधान परिषद में उठा मामला
शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी अनिल परब ने विधान परिषद में ठाणे की घटना पर बोलते हुए कहा कि 'कल्याण में एक मराठी परिवार के सदस्यों पर अखिलेश शुक्ला नामक व्यक्ति ने हमला किया।' परब ने कहा कि 'एक बहस के बाद शुक्ला ने मराठी परिवार का अपमान किया और उस पर हमला किया, जिसमें वे घायल हो गए। शुक्ला ने पीड़ित से कहा कि वह मंत्रालय में काम करता है और कई मराठी कर्मचारी उसके कार्यालय की सफाई करते हैं।' परब ने विधान परिषद में घटना पर चर्चा की मांग की।
'मराठियों पर हमले की घटनाएं बढ़ीं'
शिवसेना यूबीटी के एमएलसी ने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों द्वारा मराठी लोगों के साथ भेदभाव की ऐसी घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि मराठी लोगों को ट्रेन यात्रा के दौरान हमलों का सामना करना पड़ता है या उनके भोजन विकल्पों के आधार पर हाउसिंग सोसाइटियों में घर देने से मना कर दिया जाता है। परब ने आरोप लगाया कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद मुंबई, पुणे, कल्याण और राज्य के अन्य हिस्सों में मराठी परिवारों को दूसरे राज्यों से आए लोगों द्वारा धमकाए जाने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
शिवसेना (यूबीटी) एमएलसी सचिन अहीर ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा और कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। कांग्रेस एमएलसी भाई जगताप ने कहा कि आरोपी शुक्ला ने मराठी भाषी लोगों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। एनसीपी (एसपी) एमएलसी शशिकांत शिंदे ने कहा कि 'मुंबई की हाउसिंग सोसाइटीज में मांसाहारी लोगों को अनुमति नहीं देने का अघोषित नियम लागू है'। उन्होंने इस तरह की कुप्रथाओं में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सदन में नारेबाजी की और मुख्यमंत्री से जवाब मांगा।
सीएम फडणवीस बोले- मराठियों से अन्याय नहीं होने देंगे
सीएम फडणवीस ने विधान परिषद में कहा कि घटना के आरोपी अखिलेश शुक्ला और उनकी पत्नी ने पीड़ितों के साथ बहस की और उनके खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, 'शुक्ला एमटीडीसी का कर्मचारी हैं। घटना के बाद कल्याण के खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।' सीएम ने घोषणा की कि शुक्ला को सरकारी नौकरी से निलंबित किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'मराठी लोगों के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।'
हाउसिंग सोसाइटी में मांसाहार करने वाले लोगों को घर न दिए जाने पर फडणवीस ने कहा, 'संविधान ने सभी को यह अधिकार दिया है कि वे क्या खाएं। किसी को भी किसी की खाने की आदतों के आधार पर घर न देने का अधिकार नहीं है। यह भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अगर ऐसी शिकायतें मिलती हैं तो उचित कार्रवाई की जाएगी।'
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