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Maharashtra: फडणवीस-शिंदे को फंसाने की किसने रची साजिश? ULC घोटाले पर पूर्व डीजीपी की रिपोर्ट से आया भूचाल

Sat, 10 Jan 2026 12:12 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Maharashtra News: महाराष्ट्र की राजनीति में पूर्व डीजीपी की रिपोर्ट से बड़ा भूचाल आ गया है। पूर्व पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक घोटाले में फंसाने की साजिश रची गई थी।
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एकनाथ शिंदे / देवेंद्र फडणवीस - फोटो : ANI
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विस्तार
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निकाय चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा विस्फोट हुआ है। जिसने सियासत के साथ पुलिस विभाग में भूचाल ला दिया। पूरा मामला पूर्व पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट से जुड़ा है। जो कि उन्होंने रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले सौंपी। इस रिपोर्ट में मौजूदा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को फंसाने की साजिश का सनसनीखेज आरोप लगाया गया है। 
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रिपोर्ट में जानिए क्या दावा किया?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व डीजीपी की यह रिपोर्ट महाराष्ट्र के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को सौंपी गई है। जिसमें दावा किया गया है कि पूर्व डीजीपी संजय पांडे 2021 के अर्बन लैंड सीलिंग (ULC) घोटाले में फडणवीस और शिंदे को फंसाना चाहते थे, जो 160 करोड़ रुपये का कथित भ्रष्टाचार का मामला है। 

गोपनीय रिपोर्ट में दावा किया गया कि साल 2021 में तत्कालीन पुलिस महानिदेशक संजय पांडे ने तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष और वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे को यूएलसी घोटाले में झूठे आरोपों में फंसाने की साजिश रची। रिपोर्ट के मुताबिक पांडे ने कथित तौर पर ठाणे पुलिस अधिकारियों को तत्कालीन विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस को घोटाले के मामले में फंसाने का आदेश दिया था। 
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झूठे आरोपों में फंसाने की रची साजिश
आरोपों से पता चलता है कि संजय पांडे ने न सिर्फ फडणवीस और शिंदे को फंसाने के साथ उन्हें गिरफ्तार करने का भी आदेश दिया था, जो कथित साजिश के वक्त शहरी विकास मंत्री थे। बताया गया है कि पूर्व डीजीपी ने ठाणे के डीसीपी लक्ष्मीकांत पाटिल और एसीपी सरदार पाटिल को 2016 के यूएलसी मामले में फडणवीस और शिंदे को आरोपी के रूप में पेश करने और बिल्डरों से अवैध वसूली करने के रूप में निर्देशित किया था।

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जांच अधिकारी नहीं फिर भी की पूछताछ

इसके अलावा पूर्व डीजीपी की रिपोर्ट में कोपरी पुलिस थाने के केस CR No. 176/2021 का भी जिक्र किया गया है। जिसमें आरोप है कि डीसीपी लक्ष्मीकांत पाटिल जो कि इस मामले के जांच अधिकारी नहीं थे, उन्होंने गिरफ्तारी के बाद पुनामिया और सुनील जैन से पूछताछ की। साथ ही पुनामिया पर दबाव बनाया कि वो फडणवीस की ओर से बिल्डरों से वसूली की रकम की जानकारी बताएं।


 
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