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महाराष्ट्र:  मंत्री धनंजय के सहयोगी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया, मकोका के तहत मामला दर्ज

Tue, 14 Jan 2025 03:50 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Maharashtra: कराड ने 31 दिसंबर को पुणे में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। जिसके बाद उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। एक अधिकारी ने बताया कि कराड पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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वाल्मिक कराड - फोटो : फेसबुक/walmik.karad
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विस्तार
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बीड सरपंच हत्या मामले में अहम जानकारी सामने आई है। महाराष्ट्र की एक अदालत ने मंगलवार को एनसीपी मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वह बीड जिले में एक सरपंच की हत्या से जुड़े 2 करोड़ रुपये की जबरन वसूली के मामले में वांछित है।
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कराड पर लगा मकोका
कराड ने 31 दिसंबर को पुणे में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। जिसके बाद उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। एक अधिकारी ने बताया कि कराड पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मारे गए सरपंच संतोष देशमुख के भाई धनंजय देशमुख ने सोमवार को बीड के मासजोग गांव में विरोध प्रदर्शन किया और कराड पर मकोका के तहत मामला दर्ज करने की मांग की थी। आत्मसमर्पण करने से पहले कराड ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें दावा किया गया कि राजनीतिक प्रतिशोध के कारण उन्हें हत्या से जोड़ा जा रहा है।
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पानी की टंकी पर चढ़े
मोबाइल फोन नेटवर्क टावर पर चढ़कर आंदोलन करने और कूदकर जान देने की चेतावनी देने के एक दिन बाद धनंजय सोमवार को दोपहर के करीब पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। इससे मसाजोग गांव में अफरातफरी मच गई, क्योंकि धनंजय ने अपने परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों की बात मानने से इनकार कर दिया। मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे और बीड के पुलिस अधीक्षक नवनीत कांवट मौके पर पहुंचे तथा धनंजय को नीचे आने के लिए मनाया।

क्या है मामला
बीड जिले में केज तहसील स्थित मसाजोग गांव के सरपंच देशमुख को अगवा कर लिया गया था और नौ दिसंबर को उनकी हत्या कर दी गई थी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि एक पवन चक्की कंपनी से कुछ लोगों द्वारा जबरन वसूली किए जाने का विरोध करने को लेकर देशमुख की हत्या की गई।इस मामले में पुलिस अब तक सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एक आरोपी अब भी फरार है। पुलिस के अनुसार, सभी आठ आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 बीड में निषेधाज्ञा लागू 
बीड जिले में सरपंच की हत्या के विरोध और मराठा आरक्षण आंदोलन को देखते हुए 28 जनवरी तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर 25 जनवरी से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने का एलान किया है। इसे लेकर प्रशासन ने बीड जिले में निषेधाज्ञा लागू की है। 

इस मामले में सरकार ने किया एसआईटी का गठन
राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। नई एसआईटी में पुलिस अधिकारी अनिल गुजर, विजय सिंह जोनवाल, महेश विघ्ने, आनंद शंकर शिंदे, तुलसीराम जगताप, मनोज राजेंद्र वाघ, चंद्रकांत एस कलकुटे, बालासाहेब देवीदास अखकोरे, संतोष भगवानराव गित्ते शामिल हैं। बसवराज तेली इस एसआईटी के अध्यक्ष बने रहेंगे।
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