महाराष्ट्र में चाचा शरद पवार और भतीजे अजित पवार में खीचतान जारी है। उप-मुख्यमंत्री अजित पवार को शुक्रवार को वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट (वीएसआई) में आयोजित एक बैठक में शामिल होना था लेकिन वे बैठक में शामिल नहीं हुए। क्योंकि शरद पवार वहां पहले से ही मौजूद थे। हालांकि, चाचा के कारण कार्यक्रम में शामिल न होने की बात पर एनसीपी नेताओं ने किसी प्रकार की टिप्पणी नहीं की।
कार्यक्रम में शामिल न होने को लेकर एनसीपी प्रमुख जयंत पाटिल ने कहा कि अजित पवार उप मुख्यमंत्री हैं। उनके पास अनेकों काम हैं। वह किसी और काम में व्यस्त हो गए होंगे। अधिकारियों की मानें तो वह बाद में दौंड चले गए थे।
पार्टी से अलग होकर पहली बार बारामती पहुंचे थे अजित पवार
चाचा शरद पवार से नाता तोड़ने के बाद अजित पवार हाल ही में पहली बार बारामती पहुंचे थे। यहां उनका भव्य स्वागत किया गए थे। एनसीपी नेता अजित पवार ने कहा कि भाजपा-शिवसेना में शामिल होने का सिर्फ एक कारण था और वह है विकास। पवार ने देश में विभिन्न परियोजनाएं शुरू करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आपका विश्वास नहीं तोड़ूंगा। किसी का अपमान करने की मेरी मंशा नहीं रही। देश में पीएम मोदी के अलावा कोई और नेता नहीं है, जो कड़ी मेहनत कर रहा हो। भारत की जनता ने नेहरू जी को उनके नेतृत्व के लिए स्वीकार किया। इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी को लोग उनके गुणों के कारण पसंद करते थे। मनमोहन सिंह कम बोला करते थे। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले नौ वर्षों से कड़ी मेहनत कर रहे हैं।