वैश्विक महामारी कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित रहे महाराष्ट्र के पुणे की स्थिति में काफी सुधार हो रहा है। वहीं, टीकाकरण की गति भी तेज हुई है। पुणे का बहिरवाड़ी गांव देश का पहला ऐसा गांव बन गया है जहां शत प्रतिश टीकाकरण हो चुका है। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने शनिवार को यह दावा किया।
उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि पुणे जिले की पुरंदर तहसील में बहिरवाड़ी 100 प्रतिशत टीकाकरण पूरा करने वाला देश का पहला गांव बन गया है। पवार पुणे जिले में अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह दावा किया। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पुणे में अब तक 35,86,778 लोगों को टीका लगाया गया है।
इसमें से 45 साल से अधिक उम्र वाले 4,43,720 लोगों को वैक्सीन की दोनो खुराक दी जा चुकी है जबकि 18,37,405 लोगों को पहली खुराक दी गई है। वहीं, 18 से 44 साल के 6,98,443 और 23,415 लोगों को टीके की दूसरी खुराक दी गई है। पुणे में 10,41,716 लोग कोरोना वायरस से संक्त्रस्मित हुए हैं और अब तक 15881 लोगों की मौत हो चुकी है। फिलहाल, पुणे में कोरोना के 17,888 सक्त्रिस्य मरीज हैं।
महाराष्ट्र में प्रतिबंधों में ढील होते ही पर्यटन स्थलों पर बढ़ी भीड़
महाराष्ट्र में कोरोना प्रतिबंधों में ढील देने के बाद पर्यटन स्थलों पर भीड़ उमड़ने लगी है। पुणे के लोनावाला, खंडाला और पर्यटनस्थल महाबलेश्वर में लोग पहुंच रहे हैं। इसको देखते हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने नाराजगी जाहिर की है और कोरोना वायरस महामारी की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर लोगों सावधान किया है।
अजीत पवार ने शनिवार को कहा कि वर्तमान परिदृश्य में लोग पर्यटन स्थलों का दौरा करने से परहेज करें। अन्यथा उन्हें मजबूरन घर से बाहर जाने वालों को 15 दिन के पृथकवास की व्यवस्था लागू करनी पड़ेगी। पवार ने कहा कि कोरोना वायरस संक्त्रस्मण के मामलों की संख्या में कमी आ रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर गैर-आवश्यक श्रेणी की सभी दुकानें, मॉल, होटल और रेस्तरां सप्ताहांत पर बंद रहेंगे। यह व्यवस्था अगले शनिवार और रविवार तक जारी रहेगी।
अमेरिका, ब्रिटेन और अफ्रीका में आने वाली है तीसरी लहर
उपमुख्यमंत्री पवार ने महामारी की संभावित तीसरी लहर पर कहा कि यह अमेरिका, ब्रिटेन और अफ्रीका में आने के करीब है। अमेरिका और ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर टीकाकरण के बावजूद तीसरी लहर का खतरा अभी भी बना हुआ है। इसलिए हमें तीसरी लहर (चेतावनी) को बहुत गंभीरता से लेने की जरूरत है।