अमित कुशवाह नाम के एक अन्य सदस्य ने बताया, ''बार्ज डूब रहा था, इसलिए हमें समुद्र में छलांग लगानी पड़ी। मैं 11 घंटे तक समुद्र में रहा। उसके बाद नौसेना ने हमें बचाया। अगर नौसेना वक्त पर ना पहुंचती, तो आज हम जिंदा न होते।'' वहीं दूसरे शख्स ने बताया कि हम लोग पांच-छह घंटे पानी में तैरे। तैरने के बाद हम लोग बेहोश हो गए थे। बेहोश हालत में नौसेना ने रस्सी फेंककर हम लोगों को रेस्क्यू किया। अपना हाथ दिखाते हुए उसने बताया कि उनका हाथ रेस्क्यू के दौरान थोड़ा कट गया।
आईएनएस कोच्चि के कैप्टन ने बताया समुद्र का हाल
राहत व बचाव अभियान में लगे आईएनएस कोच्चि के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन सकेरिया ने बताया, इनपुट्स मिले थे मुंबई से करीब 35-40 मील की दूरी पर बार्ज पी305 मुसीबत में है। इसके बाद हमारा जहाज बेहद मुश्किल हालातों से गुजरते हुए आगे बढ़ा। तूफान मुंबई के पश्चिम से बस गुजर ही रहा था। जब हम मौके पर पहुंचे तो हालात संभाल लिए। साइट पर बाकी जहाजों के साथ हमने बार्ज और क्रू को हरसंभव मदद दी। ऑपरेशन अब भी जारी है। साइट पर भारी संख्या में नौसेना के जवान मौजूद हैं। मेरा जहाज बस अभी लौटा है। करीब 184 लोगों को बचाया गया है, जिनमें से 125 मेरे जहाज पर हैं।