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विदाई में दिखी सियासत की मिठास: फडणवीस ने याद किए पुराने रिश्ते, कहा- दोस्ती बाकी; उद्धव ने तंज कसकर दिया जवाब

Tue, 24 Mar 2026 10:50 PM IST
Himanshu Singh Chandel न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र विधान परिषद में उद्धव ठाकरे समेत नौ सदस्यों को विदाई दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने ठाकरे से अपनी पुरानी दोस्ती को याद किया, जबकि ठाकरे ने भाजपा-शिंदे गठबंधन पर तंज कसा। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद के बावजूद व्यक्तिगत रिश्तों की झलक देखने को मिली।
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महाराष्ट्र की सियासत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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महाराष्ट्र विधान परिषद में मंगलवार को राजनीति के बीच रिश्तों की गर्माहट देखने को मिली। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत नौ विधान परिषद सदस्यों को विदाई दी गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुराने रिश्तों को याद किया। वहीं, उद्धव ठाकरे ने भी इशारों में राजनीतिक बदलावों पर तंज कसा। विदाई समारोह ने साफ कर दिया कि राजनीति में मतभेद के बावजूद व्यक्तिगत रिश्ते पूरी तरह खत्म नहीं होते।
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महाराष्ट्र विधान परिषद में बजट सत्र के दौरान यह विदाई समारोह हुआ, जहां छह साल का कार्यकाल पूरा कर रहे सदस्यों को सम्मान दिया गया। उद्धव ठाकरे के साथ उपसभापति नीलम गोरहे, अमोल मितकारी, शशिकांत शिंदे, राजेश राठौड़ और भाजपा के कई सदस्य भी शामिल रहे। इस दौरान नेताओं के बीच भावुक और हल्के-फुल्के संवाद ने माहौल को खास बना दिया।

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क्या बोले फडणवीस और कैसे याद की दोस्ती?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे के साथ पुराने संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा कि 2010 से दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और 2014 में यह दोस्ती और मजबूत हुई। फडणवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे का स्वभाव एक सामान्य राजनेता जैसा नहीं है और वह रिश्तों को महत्व देने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोस्ती आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

उद्धव ठाकरे ने किस पर साधा निशाना?
अपने विदाई भाषण में उद्धव ठाकरे ने बिना नाम लिए तंज कसते हुए कहा कि अगर आप मुझे इतना अच्छी तरह जानते थे तो फिर किसी और का हाथ क्यों थामा। यह बयान भाजपा और एकनाथ शिंदे के साथ बने नए गठबंधन की ओर इशारा माना गया। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा और परिषद में विपक्ष का नेता होना जरूरी है, भले ही संख्या कम हो।
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और किन नेताओं को मिली विदाई?
उद्धव ठाकरे के अलावा परिषद ने नीलम गोरहे, अमोल मितकारी, शशिकांत शिंदे, राजेश राठौड़, दादाराव केचे, संजय कानेकर, रणजीत सिंह मोहिते-पाटिल और संदीप जोशी को भी विदाई दी। इन सभी का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है। समारोह में कई नेताओं ने उनके योगदान को याद किया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

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