राज्यसभा और अब एमएलसी चुनाव में झटके के बाद महाविकास अधाड़ी सरकार पर संकट के बादल गहराने लगे हैं। महाराष्ट्र में मचे सियासी घमासान के बीच महाराष्ट्र कांग्रेस में भी हलचल मच गई है। महाराष्ट्र कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा है कि उसके सभी 44 विधायक पार्टी के संपर्क में हैं।
कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी एचके पाटिल ने दिया बयान
कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी एचके पाटिल ने राज्य में मचे सियासी संकट के बीच कहा है कि सुबह जैसी स्थिति दिखाई गई थी, वैसी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को कोई खतरा नहीं है और हमारे पार्टी के नेता सीएम उद्धव ठाकरे से बातचीत कर रहे है। सभी विधायकों से हमारा संपर्क हो चुका है। हमारे सिर्फ एक विधायक विदेश गए हैं जो वापस लौट रहे हैं और वह भी हमारे संपर्क में हैं। हमारा कोई भी विधायक नॉट रीचेबल नहीं है।
कांग्रेस की ओर से यह बयान उन खबरों के मद्देनजर आया है, जिसमें कहा गया था कि उसके कुछ विधायक सोमवार को हुए महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों के बाद संपर्क में नहीं हैं। पार्टी ने उन खबरों का भी खंडन किया है, जिसमें कहा जा रहा था कि थोराट ने सीएलपी नेता का पद छोड़ दिया था।
महाराष्ट्र कांग्रेस ने कहा है कि कांग्रेस के सभी विधायक प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले और विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट के संपर्क में हैं और विधायकों के संपर्क में नहीं होने की जो भी खबरें हैं वह पूरी तरह निराधार हैं। बालासाहेब थोराट के कांग्रेस विधायक दल के नेता पद से इस्तीफे से जुड़ी खबर भी गलत है क्योंकि वह अपने आवास से ही राजनीतिक घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।
कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा बोले- महाराष्ट्र में हमारी सरकार मजबूत
शिवसेना विधायकों और एकनाथ शिंदे को लेकर कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हमारी सरकार महाराष्ट्र में मजबूत है। सभी कांग्रेस विधायक और हमारा गठबंधन मजबूत है। जहां तक शिवसेना का सवाल है, उनके प्रमुख उद्धव ठाकरे सफलतापूर्वक इसका हल निकालेंगे।
हरीश रावत ने भाजपा पर साधा निशाना
महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट पर कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत का बयान भी आया है। उन्होंने दिल्ली में कहा है कि हमारा गठबंधन शिवसेना से है, उनके घर में क्या चल रहा है इसे उद्धव ठाकरे देखेंगे। इससे भाजपा का असली चेहरा दिखाई दे रहा है, वे कहीं भी विरोध बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं है। हमारी सरकार ही चलेगी क्योंकि BJP भी सरकार नहीं बना सकती।
वे कुछ हलचल कर सकते हैं, खरीद फरोख्त करके अस्थिरता पैदा कर सकते हैं, लेकिन उनके मंसूबे पूरे नहीं होंगे। इससे साफ पता चलता है कि भाजपा सिर्फ सत्ता की भूखी है।