महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा है कि वह भी पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं। चंद्रपुर के एक कार्यकर्ता से बातचीत में उन्होंने यह बात कही, जिसका कथित ऑडियो क्लिप वायरल हुआ है। हालांकि चव्हाण ने ऐसे किसी ऑडियो क्लिप की जानकारी से इनकार किया है। लेकिन ऐन चुनाव के मौके पर यह ऑडियो क्लिप वायरल होने से कांग्रेस में खलबली है।
कांग्रेस ने चंद्रपुर से विनायक बांगड़े को उम्मीदवारी दी है। स्थानीय कार्यकर्ता इससे नाराज हैं। चंद्रपुर के एक कार्यकर्ता से बातचीत का जो ऑडियो क्लिप वायरल हुआ, उसमें चव्हाण कह रहे हैं कि प्रदेश अध्यक्ष होने के बावजूद मेरी कोई नहीं सुनता। मुकुल वासनिक की चल रही है। इसलिए मैं भी पार्टी से इस्तीफा देने का विचार कर रहा हूं।
शनिवार को चव्हाण ने मुंबई में कांग्रेस-एनसीपी और महागठबंधन के मित्र दलों की साझा प्रेस कांफ्रेंस की लेकिन उन्होंने इस संबंध में कुछ कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसी किसी ऑडियो क्लिप की जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने माना कि किसी तरह की निजी बातचीत को सार्वजनिक करना गलत है।
क्यों नाराज हैं चव्हाण
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं है। जानकार उनकी नाराजगी के कई वजह बताते हैं। चव्हाण चाहते थे कि औरंगाबाद से पूर्वमंत्री अब्दुल सत्तार और नांदेड़ से उनकी पत्नी अमृता चव्हाण को टिकट मिले लेकिन पार्टी ने औरंगाबाद से सुभाष झांबड़ को उम्मीदवारी दी। चव्हाण की पत्नी को टिकट देना भी पार्टी को मंजूर नहीं है।
अशोक चव्हाण की पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से भी नहीं जम रही है। कभी कांग्रेस का गढ़ रहे सांगली में पूर्व मुख्यमंत्री बसंतदादा पाटील घराने के प्रतीक पाटील और विश्वजीत कदम के बीच अंदरूनी गुटबाजी चरम पर है। पार्टी के वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण विखे पाटील के बेटे सुजय विखे पाटील के भाजपा में शामिल होने से भी पार्टी को झटका लगा है। इससे अंदरूनी कलह पटल पर आ गई है।